वापस जाओ और पढ़ाई करो- जब नसीरुद्दीन शाह से बोल पड़े दिलीप कुमार, फिल्मों में न आने की दी थी सलाह

दिलीप कुमार ने नसीरुद्दीन शाह को एक्टर न बनने की सलाह दी, साथ ही कहा कि घर जाकर पढ़ाई करो। इस बात का खुलासा खुद एक्टर ने किया था।

dilip kumar, naseeruddin shah बॉलीवुड एक्टर नसीरुद्दीन शाह और दिलीप कुमार (फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस)

बॉलीवुड के मशहूर एक्टर दिलीप कुमार ने अपनी फिल्मों और अपने अंदाज से लोगों का खूब दिल जीता है। दिलीप कुमार को ‘ट्रेजेडी किंग’ के नाम से जाना जाता था। केवल भारत ही नहीं, अपनी एक्टिंग के कारण वह विदेशों में भी काफी लोकप्रिय थे। लेकिन जब उन्होंने नसीरुद्दीन शाह को बॉलीवुड में देखा तो उन्होंने एक्टर को यहां न आने की सलाह दी। साथ ही उनसे कहा कि वह घर जाकर पढ़ाई करें। दिलीप कुमार से जुड़ी इस बात का खुलासा खुद नसीरुद्दीन शाह ने मशहूर क्रिटिक सैफ महमूद को ‘लिंक लीगल बियॉन्ड लॉ’ के सिलसिले में दिये इंटरव्यू में किया था।

नसीरुद्दीन शाह ने दिलीप कुमार के बारे में बात करते हुए कहा था, “मुझे देखकर उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि तुम्हें वापस जाना चाहिए और पढ़ाई करनी चाहिए। अच्छे परिवारों से नाता रखने वाले लोगों को एक्टर बनने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।’ ऐसे में मैं उनसे यह पूछ ही नहीं पाया कि वह खुद कैसे एक्टर बन गए।”

नसीरुद्दीन शाह से जब सवाल किया गया कि क्या उन्होंने यह वाकया दोबारा कभी दिलीप कुमार के सामने पेश किया। इसका जवाब देते हुए एक्टर ने कहा, “मेरे में इतनी हिम्मत नहीं थी, मैं उनसे बहुत डरता था। वह हम सभी से ऊपर हैं।” बता दें कि नसीरुद्दीन शाह और दिलीप कुमार ने फिल्म ‘कर्मा’ में एक साथ काम किया है।

फिल्म से जुड़ी याद को साझा करते हुए नसीरुद्दीन शाह ने बताया, “वह एक ऐसा वक्त था जब मैं एक्टिंग के दौरान सबसे ज्यादा घबलाया होउंगा। कई बार तो मैं उनके पास जाने में भी डरता था।” बता दें कि दिलीप कुमार अपने आखिरी समय पर उसी अस्पताल में भर्ती थे, जहां नसीरुद्दीन शाह भर्ती थे। दिलीप कुमार के निधन के बाद उनपर दिए गए अपने बयान के कारण एक्टर काफी चर्चा में भी आ गए थे।

दरअसल, नसीरुद्दीन शाह ने दिलीप कुमार को लेकर कहा था, “एक्टिंग से ज्यादा उन्होंने कुछ नहीं किया है। उन्होंने अपने अनुभवों का फायदा दूसरों तक नहीं पहुंचाया, न ही किसी को तैयार किया। 1970 से पहले की परफॉर्मेंस के अलावा उन्होंने भविष्य के एक्टरों के सीखने के लिए कुछ नहीं छोड़ा है।”