विधानसभा में नदारद रहने पर सवाल उठे तो विधायक ने फेसबुक पर पोस्ट किया वीडियो, बोले- सलाह देने की जरूरत नहीं

विधायक ने विपक्षी नेता सतीशन के आरोपों का जवाब देते हुए फेसबुक पर एक वीडियो पोस्ट किया और कहा कि सलाह देने की जरूरत नहीं है।

Kerala Legislative Assembly विपक्ष के नेता वी डी सतीशन ने कहा कि बेहतर होगा कि नीलांबुर से विधायक पीवी अनवर अपना पद छोड़ दें। (Source: Wikimedia Commons)

केरल विधानसभा में बुधवार को कांग्रेस ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) समर्थित विधायक के लगातार नदारद रहने पर सवाल उठाया। विपक्ष के नेता वी डी सतीशन ने कहा कि बेहतर होगा कि नीलांबुर से विधायक पीवी अनवर अपना पद छोड़ दें।

हालांकि अनवर ने विपक्ष के नेता के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता उन्हें नैतिक ज्ञान ना दें क्योंकि ऐसा करने का उनके पास कोई अधिकार नहीं है।

ये मामला उस वक्त का है जब विपक्षी नेता सतीशन विधानसभा मीडिया हॉल में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि सदन की कार्यवाही से लगातार अनुपस्थित रहने की वजह से संविधान के आधार पर अनवर के खिलाफ कार्यवाही शुरू की जाए।

उन्होंने राज्य सरकार और माकपा से कहा कि अनवर की विधानसभा से लगातार अनुपस्थिति को लेकर अपने रवैये को स्पष्ट करें।

वहीं अनवर ने सतीशन के आरोपों का जवाब देते हुए फेसबुक पर एक वीडियो पोस्ट किया। उन्होंने कहा कि विधायक के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए उन्हें सतीशन की सलाह की जरूरत नहीं है। हालांकि अनवर ने ये नहीं बताया कि वो इस समय कहां हैं।

बता दें कि केरल के वाम समर्थित निर्दलीय विधायक पी.वी. अनवर, विधानसभा सत्र में शामिल नहीं हो रहे हैं। इस पर विपक्षी नेता सतीशन ने कहा है कि अगर वह एक व्यवसायी हैं, तो उन्हें विधायकी छोड़ देनी चाहिए। उन्हें अयोग्य घोषित किया जाना चाहिए।

गौरतलब है कि 2 मई को पिनराई विजयन के चुनाव जीतने के बाद विधानसभा का वर्तमान सत्र तीसरा सत्र है। ऐसे में जिन विधायक अनवर पर सवाल उठ रहे हैं, वह दूसरे सत्र (बजट) में एक दिन भी उपस्थित नहीं हुए।

विधायक अनवर 2 बार से विधायक हैं और मलप्पुरम जिले के नीलांबुर विधानसभा क्षेत्र के नेता हैं। 2016 में वह निर्दलीय चुनाव लड़े थे लेकिन वामपंथियों ने उनका समर्थन किया था।

उन्होंने वरिष्ठ कांग्रेस नेता आर्यदान मोहम्मद के बेटे आर्यदान शौकत को हराया था। इसके बाद वह 2021 के विधानसभा चुनावों में भी कांग्रेस नेता वी.वी. प्रकाश से जीत गए। हालांकि वोट काउंटिंग से पहले ही कांग्रेस नेता प्रकाश का निधन हो गया था। उन्हें दिल का दौरा पड़ा था।