विनेश फोगाट ने वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए बीच में ही छोड़ा ट्रायल, ओलंपिक मेडलिस्ट की पत्नी ने 3 साल बाद बनाई भारतीय टीम में जगह

इस महीने की शुरुआत में अनुशासनात्मक कारणों से भारतीय कुश्ती महासंघ का निलंबन झेलने वाली विनेश को बाद में चेतावनी देकर छोड़ दिया गया था। ट्रायल में सभी की नजरें उन पर थीं लेकिन वह शुरू ही से कमजोर नजर आईं।

Vinesh Phogat Wrestling World Championship trial Olympic Medalist Bajrang Punia Wife Sangeeta Phogat भारत की शीर्ष महिला पहलवान विनेश फोगाट की मुश्किलें थमती नजर नहीं आ रहीं हैं। वहीं उनकी चचेरी बहन और ओलंपिक कांस्य पदक विजेता बजरंग पूनिया की पत्नी संगीता फोगाट घुटने के दो आपरेशन के बाद मैट पर उतरीं और भारतीय टीम में जगह बनाई। (सोर्स- इंस्टाग्राम/विनेश फोगाट/संगीता फोगाट)

देश की दिगग्ज महिला पहलवान विनेश फोगाट की मुश्किलें थमती नजर नहीं आ रहीं हैं। विनेश फोगाट ने कुश्ती विश्व चैंपियनशिप के लिए ट्रायल बीच में ही छोड़ दिया। वहीं, उनकी चचेरी बहन और ओलंपिक मेडलिस्ट बजरंग पूनिया की पत्नी संगीता (62 किलो) ने तीन साल बाद मैट पर शानदार वापसी की और भारतीय टीम में जगह बनाई।

इस महीने की शुरुआत में अनुशासनात्मक कारणों से भारतीय कुश्ती महासंघ का निलंबन झेलने वाली विनेश को बाद में चेतावनी देकर छोड़ दिया गया था। ट्रायल में सभी की नजरें उन पर थीं लेकिन वह शुरू ही से कमजोर नजर आईं। विनेश ने 55 किलोग्राम भार वर्ग के पहले मुकाबले में अंजू को 10-5 से हराया, लेकिन वह फॉर्म में नहीं दिखीं।

इसके बाद पिंकी के खिलाफ वह मैट पर उतरी ही नहीं। इस कारण दो से 10 अक्टूबर तक होने वाली चैंपियनशिप में पिंकी को टीम में जगह मिल गई। विनेश ने कहा, ‘मुझे नहीं पता कि मुझे क्या हो गया है। चोट नहीं है लेकिन मुझे चक्कर आ रहे थे। मेरा शरीर पहले जैसा नहीं है। मैं डॉक्टर को दिखा रही हूं। शायद कोरोना संक्रमण का शरीर पर असर हुआ है।’

विनेश फोगाट ने पहले भी कहा था कि टोक्यो ओलंपिक क्वार्टर फाइनल में उन्हें कुछ सूझ नहीं पड़ रहा था। वह मुस्कुरा रही थीं लेकिन अपनी निराशा छिपा नहीं सकी थीं। वहीं, ओलंपिक कांस्य पदक विजेता बजरंग पूनिया की पत्नी संगीता घुटने के दो आपरेशन के बाद मैट पर उतरीं।

संगीता फोगाट ने शानदार जीत हासिल की। उन्होंने जूनियर विश्व चैंपियनशिप की रजत पदक विजेता संजू देवी को तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर हराया। फिर मनीषा को 9-5 से मात दी। मुकाबले के दौरान बजरंग कोच कॉर्नर पर खड़े थे।

संगीता घुटने के आपरेशन के कारण 2018 विश्व चैंपियनशिप में हिस्सा नहीं ले पाईं थीं। फिर 2019 में उनके बाएं घुटने का भी आपरेशन हुआ था। संगीता ने कहा, ‘मेरे पिता (महावीर फोगाट) ने मुझे कुश्ती सिखाई और अब बजरंग प्रेरित करने के साथ सलाह देते रहते हैं।’

इसी 62 किलो वर्ग में रियो ओलंपिक कांस्य पदक विजेता साक्षी मलिक को मनीषा ने हरा दिया। जूनियर पहलवानों का प्रदर्शन काबिलेतारीफ रहा। शुभम कौशिक ने सीनियर राष्ट्रीय चैंपियन पंकज को 8-3 से हराने के बाद रेलवे के अरुण को 57 किलो ट्रायल में 8-4 से मात दी।

यश तुषीर ने अमित धनकड़ को 74 किलो भार वर्ग के फाइनल में हराया। गौरव बालियान ने नरसिंह यादव को मात दी। पृथ्वीराज पाटिल ने 92 किलो और अनिरुद्ध गुलिया ने 125 किलो में क्वालिफाई किया।

रविंदर दहिया (61 किलो), रोहित (65 किलो), सुशील (70 किलो), संदीप मान (86 किलो) और सत्यव्रत कादियान (97 किलो) भी जीत गए। महिला वर्ग में अंशु मलिक ने 57 किलोवर्ग में मानसी और ललिता को हराकर टीम में जगह बनाई।

सरिता मोर (59 किलो) , दिव्या काकरान (72 किलो), हैनी (50 किलो), पूजा जाट (53 किलो), भटेरी (65 किलो) , रितु मलिक (68 किलो) और किरण (76 किलो) ने भी क्वालिफाई कर लिया।