विनेश फोगाट, सोनम मलिक और दिव्या काकरान को WFI ने दी लाइफटाइम बैन लगाने की चेतावनी, वर्ल्ड चैंपियनशिप में हिस्सा लेने पर कही ये बात

अनुशासनहीनता के मामले में भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) ने विनेश फोगाट, सोनम मलिक और दिव्या काकरान को लाइफटाइम बैन की वॉर्निंग दी है। महासंघ ने तीनों रेसलर्स को माफ करते हुए रेसलिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप में हिस्सा लेने की अनुमति दे दी है।

vinesh-phogat-sonam-malik-and-divya-kakran-gets-lifetime-ban-warning-from-wrestling-federation-allowed-for-world-championship भारतीय कुश्ती महासंघ ने विनेश फोगाट, सोनम मलिक और दिव्या काकरान को लाइफटाइम बैन की वॉर्निंग दी है (Source: Indian Express And Twitter)

विनेश फोगाट को टोक्यो ओलंपिक में अनुशासनहीनता को लेकर भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) द्वारा अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया था। लेकिन अब फटकार के बाद उन्हें इस साल की विश्व चैंपियनशिप में भाग लेने की अनुमति दे दी गई है। फोगाट के अलावा दो अन्य पहलवान सोनम मलिक और दिव्या काकरान को भी चेतावनी दी गई है। ये दोनों रेसलर भी विश्व चैंपियनशिप में भाग लेंगी।

हालांकि, तीनों पहलवानों को संबोधित एक पत्र में डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह ने कहा कि, ‘वे भविष्य में अनुशासनहीनता के किसी भी कार्य के लिए इन तीनों पर आजीवन प्रतिबंध लगाने के लिए मजबूर होंगे।

शरण ने इस पत्र में ये भी लिखा कि, “भले ही कारण बताओ नोटिस का आपका लिखित जवाब, जो आपने भारतीय कुश्ती महासंघ कार्यालय को भेजा था, संतोषजनक नहीं था, भारतीय कुश्ती महासंघ आपको एक और मौका देना चाहता है ताकि आप अपनी गलतियों को सुधार सकें। इसलिए भारतीय कुश्ती महासंघ की अनुशासन समिति आपको चेतावनी देते हुए क्षमा करती है कि यदि आप अपनी गलती दोहराते हैं तो भारतीय कुश्ती महासंघ आप पर आजीवन प्रतिबंध लगाने के लिए बाध्य होगा। ।”

इस फैसले की जानकारी बुधवार शाम तीनों महिला पहलवानों को भी दे दी गई थी। डब्ल्यूएफआई के सहायक सचिव विनोद तोमर ने कहा कि,”सभी तीन पहलवान अगले सप्ताह अक्टूबर में होने वाली विश्व चैंपियनशिप के लिए सिलेक्शन ट्रायल में भाग लेंगे। ये चैंपियनशिप नॉर्वे के ओस्लो में आयोजित होगी और इसके लिए 31 अगस्त को नई दिल्ली में सिलेक्शन ट्रायल किया जाएगा।”

गौरतलब है कि विनेश फोगाट हाल ही में संपन्न हुए टोक्यो ओलंपिक में बेलारूस की वेनेसा कलाडज़िंस्काया से शुरुआती दौर में हारकर बाहर हो गई थीं। उनकी हार के बाद सामने आए अनुशासनहीनता के मामले से नाराज WFI ने तीन कथित कृत्यों के लिए उनको कारण बताओ नोटिस जारी किया था। ये तीन मामले थे कि, भारतीय एथलीटों के साथ रहने से इनकार करना, उनके साथ प्रशिक्षण नहीं लेना और अपने मुकाबलों के लिए आधिकारिक टीम जर्सी नहीं पहनना।

फोगाट ने अपने वकील विदुषपत सिंघानिया के माध्यम से अपने जवाब में पहले दो आरोपों का खंडन किया था और स्वीकार किया था कि हां गलत सिंगलेट पहनना उनकी गलती थी। इसके बाद उन्हें WFI की तरफ से अस्थाई तौर पर निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने द इंडियन एक्सप्रेस के एक कॉलम में लिखा था कि वह टोक्यो ओलंपिक में 53 किग्रा भार वर्ग के क्वार्टर फाइनल में अपनी हार के बाद ‘टूट गई’ थीं।