वीडी सावरकर, अरुण जेटली और सुषमा सुषमा के नाम पर दिल्ली में होंगे नए कॉलेज, University of Delhi ने प्रस्ताव को दी हरी झंडी

वीसी ने नामकरण के लिए जिन नामों पर विचार किया गया है, उनके चयन को सही ठहराया है।

DU, India News, National News कोरोना काल में University of Delhi कैंपस के परिसर में कुछ छात्र-छात्राएं। (एक्सप्रेस आर्काइव फोटोः अभिनव साहा)

देश के नामी विश्वविद्यालयों में शुमार दिल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू) ने उस प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है, जिसमें दक्षिणपंथी नेता व राष्ट्रवादी विचारक वीडी सावरकर आदि के नाम पर नए कॉलेजों और सुविधा केंद्र के नाम रखने की बात है।

बुधवार (25 अगस्त, 2021) को डीयू अकैडमिक काउंसिल ने स्थापित होने वाले नए कॉलेज और संस्थाओं के लिए कुछ नामों को मंजूरी दी, जिनमें सावरकर के अलावा दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के दिवंगत नेता अरुण जेटली और सुषमा स्वराज, देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल, दिल्ली के पहले सीएम चौधरी ब्रह्म प्रकाश और जाने-माने दलित नेता ज्योतिबा बाई फुले आदि के नाम शामिल हैं।

डीयू के वाइस चांसलर (वीसी) प्रोफेसर पीसी जोशी ने इस बात की पुष्टि अंग्रेजी समाचार चैनल ‘इंडिया टुडे’ से करते हुए बताया, “जिन नामों को मंजूरी मिली है, उन्हें समाज में उनके योगदान के आधार पर प्रस्तावित किया जा रहा है। एकेडमिक काउंसिल ने तय प्रक्रिया का पालन करते हुए इन नामों को मंजूरी दे दी है।”

वीसी ने नामकरण के लिए जिन नामों पर विचार किया गया है, उनके चयन को सही ठहराया है। सावरकर के नाम पर जो पहले भी राजनीतिक विवादों में रहे थे, प्रो. जोशी ने स्पष्ट किया, “वह एक प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी थे और अगर आप अंडमान और निकोबार जाएंगे, तो सेलुलर जेल अभी भी वहां है जहां उन्हें वर्षों से रखा गया था। मैं भी वहां गया और स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान के बारे में महसूस किया।”

दरअसल, दिल्ली में दो नए कॉलेज खुल रहे हैं। पहला कॉलेज दक्षिणी दिल्ली के भाटी गांव में खुलेगा, जबकि दूसरा कॉलेज बाहरी दिल्ली के रौशनपुरा में नजफगढ़ गांव के पास खुलेगा।

इन दो कॉलेजों के अलावा चार सुविधा केंद्र भी खोले जाने हैं। केवल दो नए कॉलेज परिसरों में दो सुविधा केंद्र खोले जाएंगे, और अन्य दो उत्तरी दिल्ली के शाहाबाद डेयरी और पूर्वी दिल्ली क्षेत्र में एक और खोले जाएंगे। इन कॉलेजों और केंद्रों के अलावा, पूर्वी दिल्ली के लिए एक नए लॉ कैंपस की योजना बनाई जा रही है।