शफीकुर्रहमान के बयान पर योगी का सपा पर तंज, कहा- ये देश का तालिबानीकरण करना चाहते हैं

सपा सांसद शफीकुर्रहमान के बयान पर तंज कसते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव को सुनाते हुए कहा- ये देश का तालिबानीकरण करना चाहते हैं।

UP CM YOGI, SP, AKHILESH YADAV यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ। (फोटोः ट्विटर@nationalisht05)

सपा सांसद शफीकुर्रहमान के बयान पर तंज कसते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव को सुनाया। वह बोले- ये देश का तालिबानीकरण करना चाहते हैं। उनका सपा प्रमुख से कहना था कि आप तो तालिबान का समर्थन भी कर रहे हैं।

योगी विधानसभा में अनुपूरक बजट पेश करने के मौके पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष जी कुछ लोग तालिबान का समर्थन कर रहे हैं। महिलाओं बच्चों के साथ क्या क्रूरता बरती जा रही है, लेकिन कुछ लोग बेशर्मी के साथ तालिबान का समर्थन कर रहे हैं। तालिबानीकरण करना चाहते हैं। ये चेहरे समाज के सामने एक्सपोज किए जाने चाहिए। उन्होंने सपा पर कटाक्ष कर कहा- ये महिला कल्याण की बात करते हैं।

गौरतलब है कि सपा सांसद ने मंगलवार को कहा था कि अफगान में तालिबान का कब्जा सही है। अफगान की आजादी उनका खुद का मामला है। वहां अमेरिका की हुक्मरानी क्यों? उन्होंने कहा था कि तालिबान वहां की ताकत है। अमेरिका और रूस को तालिबान ने वहां पर टिकने नहीं दिया। तालिबान की अगुवाई में अफगान आजादी चाहते हैं। उन्होंने ये भी कहा था कि यहां भी अंग्रेजों से पूरे देश ने लड़ाई लड़ी थी। उन पर देशद्रोह का मामला दर्ज करवाया गया है।

योगी ने गुरुवार को ऐलान किया है कि प्रदेश में अलग-अलग माफियाओं से जो जमीन जब्‍त की गई है उस पर गरीबों और दलितों के लिए मकान बनेंगे। उनका कहना था कि कुछ लोग खुद को कानून से ऊपर समझते हैं। इनकी निगाह लोगों की जमीन पर रहती थी। मौका मिलते ही ये लोग जमीन पर कब्‍जा कर लेते थे। अब ऐसे लोगों पर सरकार ने नकेल कसी है।

योगी ने कहा कि इन माफियाओं ने जिन जमीनों पर कब्जा करके अपनी हवेली खड़ी की थी वहीं ध्वस्तीकरण करके गरीबों के आवास बनेंगे। आंगनबाड़ी कार्यकत्री, आशा वर्कर्स समेत जो अल्प मानदेय पर जो काम कर रहे थे, उनके मानदेय में बढ़ोतरी का काम राज्य सरकार करेगी।

उधर, अखिलेश यादव ने योगी पर ट्वीट कर तंज कसा कि वो चिंतन कर रहे हैं कि उनके राज में प्रदेश की जो दुर्दशा हुई है उसके कारण जनता में पनपे असीमित आक्रोश का सामना कैसे किया जाए। अखिलेश यादव ने इस पर ट्वीट किया कि ये आरोप निराधार है कि माननीय सदन में निद्रा में लीन थे। सच तो ये है कि वो इस चिंतन में लीन थे कि जनता के आक्रोश का सामना कैसे किया जाए। चुनाव में प्रत्याशी कहां से लाए।