शादी के बाद खत्म हो जाएगा करियर- जब दोस्तों की इन बातों से डर गए अनिल कपूर, दो बार टाल दी थी शादी

जब अनिल कपूर ने सुनीता से शादी का फैसला किया तब घरवालों ने तो कोई आपत्ति नहीं जताई लेकिन उनके दोस्तों ने कहा कि अभी वो शादी ना करें वरना उनका करियर ख़त्म हो जाएगा।

anil kapoor, sunita kapoor, anil kapoor love story अनिल कपूर और सुनीता कपूर की शादी 1984 में हुई थी (Photo-Sunita Kapoor/Instagram)

अनिल कपूर और उनकी पत्नी सुनीता कपूर की प्रेम कहानी बड़ी दिलचस्प है। एक प्रैंक कॉल के ज़रिए शुरू हुआ दोनों का प्यार शादी तक पहुंच गया। सुनीता एक मॉडल थीं और अनिल कपूर उन दिनों बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाने के लिए स्ट्रगल कर रहे थे। अनिल कपूर को फिल्मों में अभी कुछ ही वक़्त हुए थे और वो आर्थिक तंगी का भी सामना कर रहे थे। ऐसे में जब उन्होंने सुनीता से शादी का फैसला किया तब घरवालों ने तो कोई आपत्ति नहीं जताई लेकिन अनिल कपूर के दोस्तों ने उनसे कहा कि अभी वो अभी शादी ना करें वरना उनका करियर ख़त्म हो जाएगा।

अनिल कपूर को साल 1984 की फिल्म ‘मशाल’ से थोड़ी लोकप्रियता हासिल हुई और उन्हें फ़िल्में मिलने का सिलसिला शुरू हो गया था। इसी दौरान उन्होंने सुनीता से शादी करने का फैसला किया। लेकिन अनिल के दोस्तों ने उन्हें मना किया कि अगर वो अभी शादी करते हैं तो उनका करियर ख़त्म हो जाएगा। अनिल कपूर ने इसी डर से अपनी शादी दो बार टाल दी। लेकिन वो ज्यादा दिनों तक अपनी शादी को नहीं टाल सके और 19 मई 1984 को उन्होंने सुनीता से शादी कर ली।

सुनीता और अनिल कपूर की प्रेम कहानी उन दिनों शुरू हुई जब अनिल कपूर ने फिल्मों के लिए ऑडिशन देना शुरू किया था। उसी दौरान एक बार सुनीता पर उनकी नज़र पड़ी और वो उन्हें पसंद करने लगे। अनिल कपूर ने प्रीति जिंटा के टॉक शो में बताया था कि उनकी प्रेम कहानी की शुरुआत एक प्रैंक कॉल के ज़रिए हुई थी।

उन्होंने बताया था, ‘मेरे एक दोस्त ने सुनीता का नंबर मुझे दिया। जब पहली बार मैंने उनसे बात की तो मुझे उनकी आवाज़ से प्यार हो गया। जल्द ही हमारी मुलाकात एक पार्टी में हुई और हम अच्छे दोस्त बन गए।’ उन दिनों अनिल कपूर के पास पैसे नहीं होते थे तो साथ खाने-पीने का खर्च सुनीता ही उठातीं थीं।

शादी के बाद हनीमून के लिए सुनीता अकेले ही निकल गईं थीं क्योंकि अनिल कपूर फिल्मों में बिजी थे। अनिल ने बताया था, ‘मैं शूट के सिलसिले में तीन दिन बाहर था और मैडम मुझे बिना लिए ही हनीमून के लिए विदेश चलीं गईं थीं। लेकिन सच कहूं तो वो मुझे बहुत अच्छे से समझतीं हैं। हमने कई उतार-चढ़ाव साथ देखे हैं। तीन बच्चों की परवरिश की है। आज भी ऐसा लगता है जैसे हम एक-दुसरे को डेट ही कर रहे हैं।‘