श्रीकृष्ण जन्मस्थान-ईदगाह विवाद: 3 अक्टूबर को सुनवाई, एक और मस्जिद शिफ्ट करने की मांग

मथुरा श्रीकृष्ण जन्मस्थान और शाही ईदगाह विवाद मामले में जिला कोर्ट में अब सुनवाई 3 अक्टूबर को होगी. दरअसल, मंगलवार को मामले में हुई सुनवाई के दौरान सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील उपस्थति नहीं हुए, जिसके चलते सुनवाई नहीं हो सकी. उधर, वादी पक्ष के वकील ने मुस्लिम पक्ष पर जान-बूझकर मामले को टालने का आरोप लगाया. दरअसल, वादी पक्ष इस मामले में कमिश्नर नियुक्त कर सर्वे कराये जाने की मांग कर रहा है. वहीं मुस्लिम पक्ष इसका विरोध कर रहा है. 

वादी पक्ष के वकील महेन्द्र प्रताप सिंह का कहना है कि श्रीकृष्ण जन्मस्थान का मामला जिला जज की अदालत में चल रहा है. मुस्लिम पक्ष जान बूझकर इस मामले को टालना चाहता है. इसलिए ही सुन्नी बोर्ड इस मामले में हाजिर नहीं हो रहा है. वहीं ईदगाह पक्ष के वकील तनवीर अहमद का कहना है कि सुन्नी वक्फ बोर्ड की तरफ से पैरवी दाखिल नहीं की है. हमने सभी पक्ष न्यायालय के सामने रखे हैं. अब इस मामले में 3 अक्टूबर को सुनवाई होगी.

एक और मस्जिद को शिफ्ट करने की मांग

अब इस मामले के बीच अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने श्रीकृष्ण जन्म स्थान के पास स्थित एक और मस्जिद को ठाकुर केशव देव की 13.37 एकड़ जमीन में बना हुआ बताया है. इसको लेकर कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है. महासभा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष दिनेश शर्मा ने अपने वाद में दावा किया है कि मस्जिद अवैध अतिक्रमण है. औरंगजेब ने श्री कृष्ण जन्म स्थान मंदिर को तोड़ा और शाही ईदगाह को अवैध अतिक्रमण के रूप में खड़ा किया. उसके बाद उन्होंने श्रीकृष्ण के पूर्वी सीमा पर स्थित कठित मीना मस्जिद बना डाली. 

याचिका पर 26 अक्टूबर को सुनवाई

उन्होंने इसे हटाए जाने की मांग करते हुए सुन्नी वक्फ बोर्ड के अलावा मीना मस्जिद को पार्टी बनाया है. अदालत में इस मामले में 26 अक्टूबर को सुनवाई करेगी. याचिकाकर्ता दिनेश शर्मा का कहना है कि उन्होंने सिविल जज सीनियर डिविजन की कोर्ट में मस्जिद को हटाए जाने को लेकर के दावा पेश किया है.