संयुक्त किसान मोर्चा का ऐलान- चुनावी राज्यों में बीजेपी का होगा विरोध, मतदाताओं से भगवा दल को हराने की अपील करेंगे

इस मुद्दे पर बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि “यह लोकतांत्रिक देश है। किसी को भी किसी पार्टी के पक्ष या विरोध में अपील करने का पूरा अधिकार है। हमें कोई आपत्ति नहीं है। हम जनता के साथ है।”

farmers protest

केंद्र की तीन कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों के आंदोलन के छह मार्च को 100 दिन पूरे हो जाएंगे। किसानों के नेताओं ने तय किया है कि पांच राज्यों के आगामी चुनावों के दौरान वे जनता से बीजेपी को हराने की अपील करेंगे। हालांकि नेताओं ने यह नहीं बताया है कि वे किसका समर्थन करेंगे। केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों का विरोध कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा ने ऐलान किया है कि वे चुनावी राज्यों में अपने प्रतिनिधिमंडल भेजेंगे और जनता का आह्वान करेंगे कि वे बीजेपी को वोट न दें।

इस मुद्दे पर बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि “यह लोकतांत्रिक देश है। किसी को भी किसी पार्टी के पक्ष या विरोध में अपील करने का पूरा अधिकार है। हमें कोई आपत्ति नहीं है। हम जनता के साथ है।” उन्होंने कहा कि “अपील तो गुजरात में भी की गई थी, लेकिन वहां परिणाम बिल्कुल उलटा आया।”

संयुक्त किसान मोर्चा ने मंगलवार को सिंघु बॉर्डर पर बैठक कर कई मुद्दों पर अपने फैसले सार्वजनिक किए। किसान नेताओं ने तय किया है कि छह मार्च को दिल्ली के विभिन्न विरोध स्थलों को जोड़ने वाले केएमपी एक्सप्रेसवे पर 5 घंटे की नाकेबंदी की जाएगी। यह सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगी। इस दौरान टोल प्लाजा को टोल फीस जमा करने से भी मुक्त किया जाएगा। देश के अन्य हिस्सों में आंदोलन के समर्थन में घरों में काले झंडे लगाए जाएंगे। मोर्चा ने प्रदर्शनकारियों को उस दिन काली पट्टी बांधने के लिए भी आह्वान किया है।

8 मार्च को संयुक्त किसान मोर्चा महिला किसान दिवस के रूप में मनाएगा। इस दिन देश भर के सभी धरना स्थल पर महिलाएं विरोध-प्रदर्शन का संचालन करेंगी। संयुक्त किसान मोर्चा के नेता योगेंद्र यादव ने कहा कि केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर 15 मार्च 2021 को ‘निजीकरण विरोधी दिवस’ मनाया जाएगा। पूरे देश के मज़दूर और कर्मचारी सड़क पर उतरेंगे और रेलवे स्टेशनों के बाहर जाकर धरना प्रदर्शन करेंगे।

संयुक्त किसान मोर्चा ने तय किया है कि पूरे भारत में एक “MSP दिलाओ अभियान” शुरू किया जाएगा। अभियान के तहत, विभिन्न बाजारों में किसानों की फसलों की कीमत की वास्तविकता को दिखाया जाएगा। इसके माध्यम से सरकार और एमएसपी के झूठे दावों और वादों को उजागर करेंगे। यह अभियान दक्षिण भारतीय राज्यों कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में शुरू किया जाएगा।

संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार की तरफ से आंदोलन समाप्त करने का प्रयास किया गया था। केंद्र सरकार में हरियाणा के जो 3 केंद्रीय मंत्री हैं, उनका उनके गांव में प्रवेश पर रोक लगा दी जाएगी।  
ऊधर,  हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि राज्य के युवाओं को राज्य के निजी उद्योग में 75% रोज़गार के बिल पर राज्यपाल ने मंंगलवार को ही अपनी सहमति दे दी है। आगे की नोटिफिकेशन की प्रक्रिया जल्द हो जाएगी और बिल आगे बढ़ेगा।