संसद में ऑक्सीजन की कमी पर पूछा गया सवाल तो बोले स्वास्थ्य मंत्री- बीती बातें छोड़, केंद्र के प्रयास पर गौर करें

मंडाविया ने कहा कि केंद्र ने राज्यों को पत्र लिखकर ऑक्सीजन की कमी से मरने वालों के आंकड़े उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। जिसमें सिर्फ पंजाब ने चार मौतों को संदिग्ध माना है।

mansukh mandaviya, corona second wave लोकसभा में जवाब देते केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया (फोटो- ANI)

संसद के शीतकालीन सत्र के पांचवें दिन लोकसभा में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की कमी को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने जवाब दिया। इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर निशाना भी साधा।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने शुक्रवार को विपक्षी दलों से कोरोना की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की कमी पर कहा कि विपक्ष को राजनीतिक खेलना बंद कर देना चाहिए। प्रश्नकाल के दौरान लोकसभा को संबोधित करते हुए, स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए “सभी संभव प्रयास” किए थे। जब दूसरी लहर को दौरान ऑक्सीजन की मांग बढ़ी तो इसका उत्पादन भी बढ़ाया गया।

मनसुख मंडाविया ने कांग्रेस सांसद सुरेश धानोरकर की तरफ से पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा- “दुख की बात है कि ऐसी स्थिति में भी कई लोगों ने राजनीति करने से परहेज नहीं किया। मैं अपील करता हूं, हमारे ईमानदार प्रयासों पर ध्यान दें। यह राजनीति का विषय नहीं है।”

इसके साथ ही स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया ने उस दौरान ऑक्सीजन की कमी के कारण होने वाली मौतों के दावों पर भी विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि केंद्र ने इस मामले पर राज्यों से डेटा मांगा और केवल पंजाब सरकार ने जवाब दिया कि इस तरह की मौतों के चार संदिग्ध मामले थे और उनकी जांच की गई थी।

उन्होंने संसद में कहा- “मैं कहना चाहता हूं कि प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्रियों की बैठक में कहा था कि ऑक्सीजन की कमी से होने वाली मौतों की संख्या को छिपाने की जरूरत नहीं है। इसकी रिपोर्ट की जानी चाहिए।” मंडाविया ने कहा कि केंद्र ने राज्यों को तीन बार पत्र लिखकर ऑक्सीजन की कमी के कारण मरने वालों की संख्या के आंकड़े उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।

स्वास्थ्य मंत्री ने आगे कहा कि इसके जवाब में कुल 19 राज्यों ने प्रतिक्रिया दी और यह केवल पंजाब है जिसने लिखित रूप में कहा कि चार संदिग्ध मौतें हुईं थीं और उसकी भी जांच की जा रही है। हमने इसे सार्वजनिक किया। फिर भी, राजनीति हो रही है।