सचिन तंवर : कबड्डी के जुनून में बने महंगे खिलाड़ी

राजस्थान के झुंझुनूं जिले के बड़बर गांव के रहने वाले सचिन तंवर राजस्थान पुलिस में उप अधीक्षक हैं।

सचिन तंवर। फाइल फोटो।

दरअसल, सचिन के मामा कबड्डी खिलाड़ी रह चुके हैं। मामा को देखकर ही उन्हें कबड्डी खेलना भाने लगा। बचपन में स्कूल की प्रतियोगिताओं के साथ-साथ गांव में लगने वाले मेलों में सचिन ने कबड्डी में दांव-पेंच लगाकर विरोधी टीमों को पछाड़ा। इस दौरान कई बार स्कूल छोड़कर सचिन कबड्डी खेलने गए, इसके लिए वे हरियाणा तक पहुंच जाते थे। अपने कबड्डी के जुनून को कभी कम नहीं होने दिया। अब सचिन प्रो कबड्डी के स्टार खिलाड़ी हैं।
सचिन तंवर के बड़े भाई दीपक भी कबड्डी के राष्ट्रीय खिलाड़ी हैं। उन्हें भी राजस्थान सरकार ने खेल कोटे से कांस्टेबल बनाया है। वह फिलहाल प्रो कबड्डी की तैयारी कर रहे हैं। सचिन के मामा भी हरियाणा के राष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी रह चुके हैं। उनकी मां राधा और पिता सतीश सिंह खेती बाड़ी का काम करते हैं।

सचिन के बड़े भाई भी कबड्डी खिलाड़ी हैं। वह भी राजस्थान पुलिस में हैं। सचिन जब दो वर्ष के थे तभी से वह अपने भाई के पास रह रहे थे। बड़े भाई ने उनको 15 साल तक अपने पास रखा। इसके बाद वह जयपुर चले गए। सीजन छह की नीलामी में गुजरात ने उन्हें 56 लाख रुपए में खरीदा। इसके बाद सातवें सत्र में भी गुजरात फ्रेंचाइजी का हिस्सा रहे लेकिन इस बार उनकी टीम ने उन्हें 78 लाख रुपए में खरीदा था। सीजन आठ में सचिन पटना पाइरेट्स के लिए खेलेंगे।

सचिन तंवर ने अभी तक प्रो कबड्डी लीग में सिर्फ गुजरात के लिए ही मैच खेले हैं। इस सीजन की नीलामी में पटना पाइरेट्स ने 84 लाख की रकम में उन्हें खरीदा। पिछले सीजन में गुजरात के लिए उन्होंने 84 रेड प्वॉइंट हासिल किए थे। रेडिंग का काफी जिम्मा अब सचिन तंवर कंधों पर भी होगा। उन्हें मोनू गोयत जैसे दिग्गज रेडर का साथ मिलेगा। परदीप नरवाल प्रो कबड्डी के सबसे महंगे खिलाड़ी है, जिन्होंने पटना पाइरेट्स को लगातार तीन सीजन पीकेएल का खिताब जिताया। अब परदीप की जगह संदीप लेंगे। ऐसे में पटना पाइरेट्स को खिताब जिताना, कहीं ना कहीं संदीप के कंधों पर ही होगा। इस बार परदीप को यूपी योद्धा ने 1.65 करोड़ रुपए में खरीदा है, जो प्रो कबड्डी लीग की अब तक की सबसे बड़ी बोली है।