सपा नेता के बाद तालिबान के लिए कसीदे पढ़ने लगे AIMPLB के सज्जाद नोमानी, बोले- हिंदी मुसलमान सलाम करता है

मौलाना ने तालिबान की तारीफ की और कट्टरपंथियों को बधाई देते हुए यह भी कहा कि “यह हिंदी मुस्लिम आपको सलाम करता है”।

taliban, AIMPLB मौलाना सज्जाद नोमानी ने तालिबान को बधाई दी है। (फोटो-स्क्रीनशॉट)।

ऑल-इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य मौलाना सज्जाद नोमानी ने अफगानिस्तान पर कब्जा करने के लिए तालिबान की तारीफ की है। मौलाना ने तालिबान की तारीफ की और कट्टरपंथियों को बधाई देते हुए कहा, “यह हिंदी मुस्लिम आपको सलाम करता है”। इससे एक दिन पहले समाजवादी पार्टी के एक सांसद ने अफगानिस्तान पर तालिबान द्वारा कब्जा करने का बचाव किया, यही नहीं सांसद ने इसे भारत के स्वतंत्रता संग्राम के साथ जोड़ा। जिसके बाद संभल के सांसद शफीक उर रहमान बर्क की उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई लोगों ने आलोचना की।

संभल के लोकसभा सांसद शफीक उर रहमान बर्क ने कहा कि तालिबान अपने देश को आजाद करना चाहता था और यह अफगानिस्तान का आंतरिक मामला था। जिसके बाद यूपी विधान परिषद में, मुख्यमंत्री ने विपक्षी सांसद को फटकार लगाते हुए कहा, “वह बेशर्मी से तालिबान का समर्थन कर रहे थे। इसका मतलब उनके बर्बर कृत्य का समर्थन करना है।”

बर्क ने तालिबान को एक ऐसी ताकत कहा जिसने रूस या अमेरिका को अफगानिस्तान में खुद को स्थापित करने की अनुमति नहीं दी। सांसद ने कहा, “और अब वे अपना देश चलाना चाहते हैं”। सांसद ने कहा कि जब भारत ब्रिटिश शासन के अधीन था, तो पूरे देश ने आजादी के लिए लड़ाई लड़ी।

उन्होंने कहा, “वे स्वतंत्र होना चाहते हैं। यह उनका निजी मामला है। हम कैसे हस्तक्षेप कर सकते हैं?” तालिबान द्वारा अफगानिस्तान के कब्जे का समर्थन करते हुए बर्क ने कहा कि अफगान अपने देश को उसी तरह चलाना चाहते हैं जैसे वे चाहते थे।

तालिबान के समर्थन में बयान देने के मामले में समाजवादी पार्टी (सपा) के संभल से सांसद डॉक्टर शफीक उर रहमान बर्क के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक नेता ने मामला दर्ज कराया है। पुलिस अधीक्षक चक्रेश मिश्र ने बुधवार को बताया कि भाजपा के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष राजेश सिंघल ने सपा सांसद बर्क, मोहम्मद मुकीम और चौधरी फैजान पर तालिबान के संबंध में भड़काऊ बयान देने को राजद्रोह बताते हुए मंगलवार को शिकायत दर्ज कराई।

मालूम हो कि रविवार को तालिबान के काबुल में प्रवेश करने और बागडोर संभालने के बाद अफगानिस्तान में अराजकता फैल गयी जबकि राष्ट्रपति अशरफ गनी और अन्य देश छोड़कर भाग गए हैं। इस बीच हताश अफगानों ने देश से भागने की कोशिश की और काबुल हवाईअड्डा अराजक दृश्यों का केंद्र बन गया।