सब बंधन में हैं, सबको राज्यसभा जाना है- सुप्रीम कोर्ट पर बोले राकेश टिकैत, कांग्रेस का एजेंट बताने पर दिया यूं जवाब

राकेश टिकैत ने आज तक को दिए इंटरव्यू में सुप्रीम कोर्ट के विषय में बात करते हुए कहा कि सब बंधे हुए हैं, सबको राज्यसभा जाना है।

rakesh tikait, lakhimpur kheri, bjp worker killing, bjp worker murder up प्रेस कांफ्रेंस में किसान नेता राकेश टिकैत (फोटो- वीडियो स्क्रीनशॉट ANI)

सुप्रीम कोर्ट ने बीते कुछ दिनों पहले किसान महापंचायत को दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की मांग को ठुकराते हुए फटकार लगाई थी और कहा था कि राजमार्ग को रोककर आम जनता को परेशान करना उनका हक नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने किसानों पर शहर का गला घोंटने का भी आरोप लगाया था। इस बात को लेकर आज तक के कॉनक्लेव में भी चर्चा की गई, जहां अंजना ओम कश्यप के सवालों का जवाब देते हुए राकेश टिकैत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट भी बंधन में बंधा हुआ है, क्योंकि सबको राज्यसभा जाना है।

किसान नेता राकेश टिकैत से अंजना ओम कश्यप ने सवाल किया, “सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि कानून होल्ड पर है, ऐसे में आप लोगों को परेशान क्यों करते हैं?” इसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा, “रास्ता चलने के लिए है, उसे नहीं बंद करना चाहिए। पुलिस की बैरिकेडिंग है, वो हटवाओ पहले। रास्ता चलने के लिए है, बैठने के लिए थोड़ी ना है।”

राकेश टिकैत ने अपने बयान में आगे कहा, “सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि रास्ता चलने के लिए है और वह पुलिस ने रोका हुआ है।” इसपर अंजना ओम कश्यप ने उनसे सवाल किया कि सुप्रीम कोर्ट ने तो इजाजत नहीं दी, आप लोग तो चाहते थे ना कि रामलीला मैदान में आकर प्रदर्शन करें। इसके जवाब में राकेश टिकैत ने कहा, “क्यों सुप्रीम कोर्ट को उलझा रहे हो आप।”

राकेश टिकैत ने इस सिलसिले में आगे कहा, “सारा सिस्टम बंधन में है, सबको राज्यसभा चाहती है। हम सम्मान कोर्ट का भी करते हैं और राज्यसभा का भी करते हैं। कोई एजेंसी ऐसी होगी, सबकी जांच होगी कि कौन क्या-क्या कर रहा है।” अंजना ओम कश्यप ने कहा कि भाजपा तो आपको कांग्रेस का एजेंट कहती है।

इसपर राकेश टिकैत ने कहा, “विपक्ष तो रहा ही नहीं, निमट गया पूरा केस।” शो में राकेश टिकैत ने पीएम नरेंद्र मोदी पर भी तंज कसने में कोई कसर नहीं छोड़ी। किसान नेता ने कहा, “देश के प्रधानमंत्री अमेरिका में जाकर झूठ बोलकर आए, उन्होंने कहा कि हमने सारे देश को डिजिटल कर दिया। किसान तो डिजिटल नहीं हुआ, हमें भी कर दें। आपने जो घोषणा पत्र में कहा, वही कर दो।”