समझ जाओ कौन करवा रहा है- यूपी में पंचायत चुनाव नतीजों के बाद कथित हिंसा पर बॉलीवुड एक्टर का तंज

उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद गोरखपुर जैसी जगहों से हिंसा भड़कने का मामला सामने आया है। इस मामले को लेकर बॉलीवुड के मशहूर एक्टर कमाल राशिद खान ने ट्वीट किया है।

UP Panchayat Election

उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद गोरखपुर जैसी जगहों से हिंसा भड़कने का मामला सामने आया है। गोरखपुर में पराजित घोषित किये गए दो उम्मीदवारों के समर्थकों ने बुधवार को प्रशासन पर पक्षपात करने का आरोप लगाया, साथ ही वहां मौजूद नई बाजार पुलिस चौकी में भी आग लगा दी. इससे इतर भीड़ ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। यूपी में भड़की इस हिंसा को लेकर बॉलीवुड के मशहूर एक्टर कमाल राशिद खान ने ट्वीट किया है।

बॉलीवुड एक्टर कमाल राशिद खान ने अपने ट्वीट के जरिए यूपी में भड़की हिंसा को लेकर सरकार पर तंज कसा है। उन्होंने हिंसा पर रिएक्शन देते हुए लिखा कि नतीजों के बाद वहां भी दंगे शुरू हो गए हैं। आपको समझ जाना चाहिए कि यह सब कौन करवा रहा है।

कमाल राशिद खान ने अपने ट्वीट में लिखा, “उत्तर प्रदेश राज्य पंचायत चुनाव के नतीजे आने के बाद वहां भी दंगे चालू हो गए हैं। अब आप आसानी से समझ सकते हैं कि कौन यह सब करवा रहा है? इनको हार बिल्कुल भी मंजूर नहीं हैं।” कमाल राशिद खान के इस ट्वीट पर सोशल मीडिया यूजर भी खूब कमेंट कर रहे हैं।

कमाल राशिद खान के इस ट्वीट पर टीना नाम की एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा, “वे जोड़-तोड़ भी कर सकते हैं। आखिरकार वह पावर में हैं। लेकिन आपके दिमाग को क्या हो गया है।” वहीं, आशीष नाम के एक यूजर ने लिखा, “अब पंचायत चुनाव को भी इतना महत्व देने लगे हैं भाई?” इससे इतर कलीम नाम के एक यूजर ने लिखा, “सरकार आखिर कर क्या रही है?”

बता दें कि कमाल राशिद खान ने इससे पहले बीजेपी सरकार को लेकर एक ट्वीट किया था, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि लोग अब बीजेपी मुक्त भारत चाहते हैं। अपने ट्वीट में केआरके ने लिखा, “नरेंद्र मोदी सर और अमित शाह जी, मैंने सर्वे किया, जिसमें करीब 66 प्रतिशत लोग बीजेपी मुक्त भारत चाहते हैं। मुझे लगता है कि अब आपको अपनी रणनीति बदलने की जरूरत है।”

राजनीति से इतर कमाल राशिद खान ने कोरोना के कारण फैली अव्यवस्था को लेकर भी ट्वीट किया। उन्होंने ट्वीट में लिखा, “जिस देश के पास उसकी 80 प्रतिशत जनता को टेस्ट करने की सुविधा न हो। दवाईयां देने के लिए न हों, उस देश में कोरोना की तीसरी लहर को किसी भी तरह से रोका नहीं जा सकता है।”