सरकार से बातचीत को SKM ने बनाई पांच सदस्यीय कमेटी, टिकैत बोले- 7 को बैठक में तय करेंगे आंदोलन की रूपरेखा

संयुक्त किसान मोर्चा की इस बैठक के बाद किसान नेताओं ने बताया कि गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें लंबित मांगों पर विचार करने के लिए बुलाया है।

Rakesh Tikait भाकियू नेता राकेश टिकैत (सोर्स- एएनआई ट्विटर)

संयुक्त किसान मोर्चा ने शनिवार को किसान आंदोलन के भविष्य को लेकर सिंघु बॉर्डर पर अहम बैठक की। इस बैठक के बाद भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने बताया कि एसकेएम ने सरकार से बात करने के लिए 5 सदस्यीय कमेटी बनाई है। यह सरकार से बात करने के लिए अधिकृत होगी।

राकेश टिकैत ने बताया कि इस पैनल में अशोक धावले, युद्धवीर सिंह, बलबीर सिंह राजेवाल, गुरनाम सिंह चढूनी, शिवकुमार कक्का होंगे जो सरकार से बात करेंगे। टिकैत ने साथ ही बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा की अगली बैठक 7 दिसंबर को होगी।

संयुक्त किसान मोर्चा की इस बैठक के बाद किसान नेताओं ने बताया कि गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें लंबित मांगों पर विचार करने के लिए बुलाया है। एनडीटीवी की खबर के मुताबिक, किसान नेता युद्धवीर सिंह ने बताया, ”अमित शाह ने कल रात फोन किया। उन्होंने कहा कि तीनों कृषि कानूनों को वापस ले लिया गया है और सरकार जारी आंदोलन का समाधान खोजने के लिए गंभीर है। गृह मंत्री ने सरकार के साथ संवाद करने के लिए एक समिति की बात कही थी, इसलिए हमने यह पैनल बनाया है।”

उन्होंने कहा, ”सरकार और पैनल के बीच हुई बैठक के नतीजे पर सात दिसंबर को चर्चा होगी और अगर कोई समझौता होता है तो किसानों के बॉर्डर से वापस जाने की संभावना है।” वहीं, किसान नेता दर्शनपाल सिंह ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा, ”सभी किसान संगठनों के नेताओं ने कहा कि जब तक किसानों के खिलाफ मामले वापस नहीं लिए जाते, वे वापस नहीं जाएंगे। आज सरकार को स्पष्ट संकेत भेजा गया है कि जब तक किसानों के खिलाफ सभी मामले वापस नहीं लिए जाते, हम आंदोलन वापस नहीं लेने वाले हैं।”

किसान नेताओं का कहना है कि वे न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य, पिछले एक साल में आंदोलनकारी किसानों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लेने जैसी मांगों को लेकर फिलहाल अपना आंदोलन जारी रखेंगे। इसके पहले, हरियाणा के कई किसानों ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात की थी, लेकिन किसानों पर दर्ज मामलों की वापसी और अन्य मुद्दों पर कोई सहमति नहीं बन सकी थी।