सायरा बानो संग काम नहीं करना चाहते थे दिलीप कुमार? एक बात को लेकर थी झिझक

सायरा बानों ने साल 12 साल कीउम्र में दिलीप कुमार को देखा था। बस तभी से सायरा दिलीप कुमार की फैन हो गई थीं।

Dilip Kumar, दिलीप कुमार, Yusuf Khan, Saira Banu दिलीप कुमार और सायरा बानो (फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस आरकाइव)

दिलीप कुमार और सायरा बानो की रियल लाइव लव स्टोरी बॉलीवुड के कपल्स की बेस्ट लव स्टोरीज में से एक मानी जाती है। दिलीप कुमार से सायरा बानो तब मिली थीं जब वह सिर्फ 13 साल की थीं। वहीं सायरा बानों ने साल भर पहले ही स्क्रीन पर दिलीप कुमार को देखा था। बस तभी से सायरा दिलीप कुमार की फैन हो गई थीं। सायरा बानो के मुताबिक तभी उन्होंने ठान लिया था कि शादी करेंगी तो सिर्फ दिलीप कुमार (युसूफ खान) से, नहीं तो नहीं करेंगी।

साया से जल्द ही दिलीप कुमार की मुलाकात हुई। विदेश में रहने वाली सायरा बानो को किस्मत जब भारत लाई तो फिल्म ‘मुगल-ए-आजम’ सेट पर दिलीप कुमार को उन्होंने पहली बार देखा। हालांकि उस वक्त दिलीप कुमार ने सायरा को उस नजर से न देखा हो, लोकिन इस बीच एक पार्टी हुई जिसमें सायरा बानो बेहद खूबसूरत बनारसी साड़ी पहन कर सीढ़ियों से उतर रही थीं। बस तभी दिलीप कुमार की नजर सायरा बानो पर पड़ी और वह उनकी खूबसूरती के मुरीद हो गए।

धीरे-धीरे दोनों में बातें शुरू हुआ और दोस्ती का सिलसिला आगे बढ़ा। दिलीप कुमार ने अपनी किताब में जिक्र किया है कि वह सायरा बानो की बर्थडे पार्टी में गए थे, तब उन्होंने सायरा को देखा तो बस देखते ही रह गए।

उन्होंने लिखा था-‘जब मैं अपनी गाड़ी से उतरा और उस खूबसूरत गार्डन की तरफ जाने के लिए मुड़ा जिसकेपास में ही बेहद शानदार घर था। मैं अभी भी अपनी आंखों से वो खूबसूरत लड़की को देख सकता हूं। सामने सायरा खड़ी थीं। अपने घर की सीढ़ियों पर ऊपर की तरफ, तब मेरी नजर उनपर पड़ी थी। क्या खूबसूरती थी। वो साड़ी में लिपटी थीं।’

दिलीप कुमार ने इस दौरान बताया था कि वह उस रोज सायरा बानो के साथ काम करने से झिझकते थे। उन्होंने आगे कहा था- ‘मैं अचंभित था, तब मैं जानबूझकर उनके साथ काम करने से बचता था क्योंकि मुझे लगता था कि वह मेरी नायिका बनने के लिए बहुत छोटी दिखेंगी।’

दिलीप कुमार ने आगे कहा था- ‘वह वास्तव में पूर्ण नारीत्व में विकसित हो गई थीं और उनकी खूबसूरती का कोई मुकाबला नहीं था। मैं बस आगे बढ़ा और उनसे हाथ मिलाया और हमारे लिए समय ठहर गया। एक बार के लिए, उन्होंने मेरे साथ अपनी झुंझलाहट को छोड़ दिया और सीधे मेरी आंखों में देखा और मुझे यह महसूस करने में एक पल से अधिक का समय नहीं लगा कि वह एक नियति थी जो जानबूझकर मेरे इर्द-गिर्द बुनी गई थी। मेरे वास्तविक जीवन में ये हो रहा था, वो मेरे लिए बनी थी। हां पर उस वक्त मैं मना करता था कि स्क्रीन पर उसके साथ जोड़ी बनाना क्या सही दिखेगा!’