सितंबर खत्‍म होने से पहले पूरा कर लें अपने रुपयों से जुड़े यह पांच काम

आईटीआर फाइलिंग, एडवांस टैक्‍स, बैंक अकाउंट में सही मोबाइल अपडेट, पैन आधार कार्ड को लिंक करने की आखि‍री तारीख 30 सितंबर है। ऐसे में आपको सभी काम इस तारीख से पहले करने होंगे। वर्ना आप पर दंडात्‍मक कार्रवाई हो सकती है।

pan-aadhaar card Link पैन आधार कार्ड लिंक के साथ चार काम ऐसे हैं जिन्‍हें लोगों को 30 सि‍तंबर से पहले पूरे करने हैं। (Photo By Indian Express Archive)

कोविड-19 की वजह से सितंबर 2021 पर्सनल फाइनेंस के लिहाज से काफी अहम हो गया है। सितंबर खत्‍म होने से पहले आपको पांच फाइनेंशियल करने बेहद जरूरी है। अगर आप नहीं करते हैं तो आप दंडात्‍मक कार्रवाई भी हो सकती है। आइए आपको भी बताते हैं कि आख‍िर वो ऐसे कौन से काम हैं जिन्‍हें 30 सि‍तंबर से पहले पूरा करना काफी जरूरी है।

वित्त वर्ष 2020-21 के लिए आईटीआर फाइलिंग
30 सितंबर, 2021 उन व्यक्तियों के लिए आखि‍री तारीख है जिन्‍होंने वित्त वर्ष 2020-21 के लिए आयकर रिटर्न दाखिल नहीं किया है। यदि लास्‍ट डेट तक आईटीआर दाखिल नहीं किया तो आप से 5,000 रुपए का लेट फाइलिंग फीस फाइन लि‍या जाएगा। हालांकि, एक वित्तीय वर्ष में कुल आय 5 लाख रुपये से अधिक नहीं होने पर लेट फाइलिंग शुल्क 1,000 रुपए से अधिक नहीं होगा।

इस साल सरकार ने आईटीआर फाइल करने के लिए एक नया पोर्टल लॉन्च किया है, जिसमें कई खामियां हैं। इसके अलावा, पोर्टल धीमा है और आईटीआर दाखिल करने की प्रक्रिया पिछले साल की तरह नहीं है। इस प्रकार, यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि आप तकनीकी से संबंधित मुद्दों से बचने के लिए समय सीमा से पहले अपना आईटीआर दाखिल करें, जिससे प्रक्रिया में देरी हो सकती है।

अपने बैंक अकाउंट में सही मोबाइल नंबर अपडेट करें
1 अक्टूबर, 2021 से, आपके बैंक खाते से ऑटो-डेबिट भुगतानों के लिए टू फैक्‍टर ऑथेंटिकेशन की जरूरत होगी। ऐसे में आपका मोबाइल नंबर बैंक अकाउंट में सही होना चाहिए। अगर ऐसा नहीं है तो आपको जल्‍द ही अपडेट करा देना चाहिए। यदि बैंक के पास गलत मोबाइल नंबर है, तो आपके ऑटो-डेबिट मान्य नहीं होंगे और आपके खाते से डेबिट नहीं होंगे। ऑटो-डेबिट मैंडेट आमतौर पर म्यूचुअल फंड एसआईपी के लिए सामान्य निवेश और टैक्‍स सेविंग के उद्देश्य के लिए, उपयोगिता बिलों के भुगतान के लिए, ओटीटी प्लेटफॉर्म जैसे नेटफ्लिक्स, लोन ईएमआई रीपेमेंट आदि के लिए दिया जाता है। ऑटो-डेबिट भुगतान ना होने पर दंडात्मक कार्रवाई हो सकते हैं।

भारतीय रिजर्व बैंक के निर्देश के अनुसार, बैंकों को भुगतान डेबिट होने से पांच दिन पहले ग्राहकों को एक नोटिफ‍िकेशन भेजना होता है। इसकी पुष्टि होने के बाद डेबिट की अनुमति दी जाती है। टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन से संबंधित नियम 1 अप्रैल, 2021 से लागू होने वाला था। हालांकि, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी बैंक आदि जैसे बड़े बैंकों ने अभी तक इसका पालन करने की व्यवस्था नहीं की थी। इसलिए, कस्‍टमर्स को असुविधा से बचने के लिए, आरबीआई ने समय सीमा को छह महीने बढ़ाकर 30 सितंबर, 2021 कर दिया।

पैन आधार कार्ड लिंक
पैन को आधार से लिंक करने की लास्‍ट डेट 30 सितंबर, 2021 है। अगर इस तारीख तक पैन को आधार से लिंक नहीं किया गया तो तो पैन कार्ड डिएक्‍ट‍िवेट हो जाएगा। इसके अलावा, एक बार जब आपका पैन डिएक्‍ट‍िवेट हो जाता है तो आप वित्तीय लेन-देन नहीं कर पाएंगे, जहां भी पैन का उल्लेख करना अनिवार्य है जैसे कि डीमैट खाता खोलना, बचत बैंक खाता आदि। यहां तक कि मौजूदा खाते जहां पैन प्रस्तुत किया गया है, प्रभावित होंगे। यदि समय सीमा समाप्त होने के बाद पैन को आधार से जोड़ा जाता है, तो व्यक्ति को दंड का भुगतान करना होगा। हालांकि सरकार ने अभी तक जुर्माने की सही राशि निर्धारित नहीं की है, हालांकि, अधिकतम राशि 1,000 रुपए होगी।

डिमैट अकाउंट का केवाईसी
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड यानी सेबी ने 30 जुलाई, 2021 को घोषणा की कि निवेशकों के डीमैट और ट्रेडिंग खातों में केवाईसी विवरण अपडेट करने की समय सीमा 30 सितंबर, 2021 तक बढ़ा दी गई है। पहले की समय सीमा 31 जुलाई 2021 थी। सेबी के अनुसार, एक व्यक्ति को केवाईसी के संबंध में निम्नलिखित विवरण अपडेट करने की आवश्यकता होगी जिसमें, नाम, पता, पैन, वैध मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और आय सीमा आदि शामि‍ल हैं। यदि केवाईसी विवरण अपडेट नहीं किया जाता है, तो कोई व्यक्ति शेयर बाजार में व्यापार नहीं कर पाएगा क्योंकि व्यक्ति के डीमैट/ट्रेडिंग खाते निष्क्रिय कर दिए जाएंगे। अगर शेयर खरीदे भी जाते हैं तो ऐसे शेयरों का ट्रांसफर तब तक पूरा नहीं होगा जब तक डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट केवाईसी कंप्लेंट नहीं हो जाते।

वित्त वर्ष 2021-22 के लिए एडवांस का भुगतान भुगतान
वित्त वर्ष 2021-22 के लिए एडवांस टैक्‍स की दूसरी किस्त का भुगतान करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2021 है। एक व्यक्ति को अग्रिम कर भुगतान करने की आवश्यकता होती है यदि उसकी अनुमानित कुल कर देयता टीडीएस से कम एक वित्तीय वर्ष में 10,000 रुपए से अधिक हो। यदि एडवांस टैक्‍स का भुगतान समय पर नहीं किया जाता है, तो आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 234बी और धारा 234सी के तहत देय कर पर दंडात्मक ब्याज लागू होगा। प्रति माह 1 फीसदी की दर से दंडात्मक ब्याज लगाया जाएगा।