सुध लेने बस आए सूद

बीते साल जब पूरे देश में पूर्णबंदी लागू हुई तो यह अनुमान लगाया गया कि कि कोरोना महामारी के कारण हिंदी फिल्म उद्योग को 300 से 800 करोड़ रुपए तक का नुकसान उठाना पड़ सकता है।

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बीते साल जब पूरे देश में पूर्णबंदी लागू हुई तो यह अनुमान लगाया गया कि कि कोरोना महामारी के कारण हिंदी फिल्म उद्योग को 300 से 800 करोड़ रुपए तक का नुकसान उठाना पड़ सकता है। इस नुकसान की भरपाई के लिए फिल्म उद्योग ने अभी ओटीटी जैसे प्लेटफार्म का विकल्प आजमाना शुरू ही किया था कि महामारी की दूसरी लहर से फिर से सामान्य होती स्थिति को बड़ा आघात लगा। नई स्थिति में इस नुकसान के कई हजार करोड़ रुपए तक पहुंचने की आशंका है।

कुछ आकलन में तो नुकसान का आंकड़ा पांच करोड़ रुपए तक बताया गया है। पर यह तो रहा तस्वीर का एक रुख। तस्वीर का दूसरा रुख यह है कि दुनिया में सबसे ज्यादा फिल्में बनाने वाले देश में जब कोरोना महामारी ने नए सिरे से करोड़ों लोगों के सामने जीवन-मौत का संकट पैदा किया है तो फिल्म उद्योग के बड़े से बड़े सितारे परिदृश्य से गायब हैं। एक ऐसे समय में जब वे बड़ी सामाजिक भूमिका निभा सकते थे, उन्होंने शर्मनाक तंगदिली का परिचय दिया है।

फिल्मी दुनिया की संवेदनहीनता के बीच आपवादिक तौर पर जो एक नाम जरूरतमंदों के मसीहा के तौर पर सामने आया है, वे हैं अभिनेता सोनू सूद। इसके अलावा सलमान खान, जॉन इब्राहिम से लेकर अक्षय कुमार जैसे अभिनेताओं ने भी कुछ पहल की है। पर ये सारी कोशिशें अपने आकार और ठोसपन में ऐसे नहीं हैं कि इनके पीछे किसी बड़ी प्रतिबद्धता या संवेदना को हम रेखांकित कर सकें। पर पिछले साल पूर्णबंदी से लेकर अब तक सूद ने मुसीबत में फंसे हजारों लोगों की जिस तरह मदद की है, उसकी सराहना हर तरफ हो रही है। चाहे वो प्रवासी मजदूरों को उनके घर पहुंचना हो या गरीब लोगों का इलाज या पढ़ाई का खर्च उठाना हो, सूद ने अपनी हैसियत से आगे बढ़कर लोगों की मदद का पुख्ता इंतजाम किया है।

जब पूर्णबंदी के दौर में रातोंरात आर्थिक स्थिति बिगड़ने, आजीवका के साधन छिन जाने के कारण लाखों परिवारों की तबाही की खबरें आ रही थीं तो सूद ने लोगों को काम देने का बीड़ा उठाया और कहा कि वे भरसक कोशिश करेंगे कि चाहे जैसे भी हो वे उन तमाम लोगों की आजीविका के लिए कुछ न कुछ करें जिनके परिवार को कोरोना के कारण बड़ी मुसीबत उठानी पड़ रही है।
कोरोना की दूसरी लहर में यह अभिनेता खुद संक्रमण की चपेट में आया। पर उसने न हौसला हारा, न मदद की अपनी कोशिशों को थमने दिया।

अब जब वे संक्रमण के खतरे से पूरी तरह बाहर आ गए हैं तो नए सिरे से महामारी से लड़ने की तैयारी कर ली है। उन्होंने ‘फ्री कोविड19 हेल्प’ लॉन्च किया है, जिसके जरिए कोई भी कोरोना जांच से लेकर डॉक्टर की सलाह तक सब कुछ मुफ्त में पा सकता है। उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा- ‘आप आराम करिए, मुझे टेस्ट हैंडल करने दीजिए। फ्री कोविड हेल्प लॉन्च।’ इस ऐप के जरिए कोरोना टेस्ट से लेकर डॉक्टर की सलाह मुफ्त में ली जा सकेगी। उन्होंने एक वाट्सऐप नंबर भी जारी किया है जिस पर कोविड-19 संबंधी जरूरी जानकारी मिल सकेगी।

आखिर सूद यह सब तब कैसे कर पा रहे हैं, जब उनके कई साथी कलाकार जो ज्यादा समर्थ और लोकप्रिय हैं, वे एक निहायत संवेदनहीन मनोदशा के साथ घरों में बैठे हैं। इस सवाल के जवाब में सूद का ही किया एक ट्वीट काफी चर्चा में है। इसमें वे कहते हैं, ‘आधी रात को कई कॉल करने के बाद, आप जरूरतमंदों के लिए बेड पाने में सक्षम होते हैं, तो कुछ लोगों के लिए आॅक्सीजन, जिनसे उनकी जान बच सकती है। मैं कसम खाकर कहता हूं कि यह सौ करोड़ की फिल्म का हिस्सा बनने से कहीं ज्यादा सेटिस्फाइंग (संतोषप्रद)है। हम सो नहीं सकते जब लोग अस्पताल के बाहर बेड का इंतजार कर रहे हैं।’