सुनील छेत्री की टीम ने मालदीव में की घटिया हरकत, देश छोड़ने का मिला आदेश; मालिक पार्थ जिंदल ने मांगी माफी

पार्थ जिंदल ने कहा, तीन खिलाड़ियों/स्टाफ द्वारा नियम तोड़ने पर शर्मिदा हूं। इसके लिए वे माफी मांगते हैं। तीनों के खिलाफ कार्रवाई होगी।’’

Sunil Chhetri, Bengaluru FC

फुटबॉल क्लब बेंगलुरु एफसी और ईगल्स एफसी के बीच 11 मई को मालदीव में होने वाले एएफसी कप (AFC CUP) प्लेऑफ मुकाबले पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। मालदीव के खेल मंत्री ने दिग्गज फुटबॉलर सुनील छेत्री की कप्तानी वाली बेंगलुरु एफसी को देश छोड़ने के लिए कहा है। उन पर कोविड-19 नियमों को तोड़ने का आरोप है। इस मामले में टीम के मालिक मशहूर बिजनेसमैन पार्थ जिंदल ने ट्वीट कर माफी मांग ली है।

बीएफसी द्वारा कथित उल्लंघन की असल प्रकृति का पता नहीं चला है लेकिन खेल मंत्री अहमद माहलूफ ने इसे ‘अस्वीकार्य व्यवहार’ करार दिया है। भारतीय कप्तान सुनील छेत्री की अगुआई में खेलने वाली बेंगलुरू की टीम शुक्रवार को मालदीव पहुंची थी। माहलूफ ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर लिखा, ‘‘बेंगलुरू एफसी का अस्वीकार्य बर्ताव, स्वास्थ रक्षा एजेंसी और एएफसी (एशियाई फुटबॉल परिसंघ) के कड़े दिशानिर्देशों का उल्लंघन किया।’’ पार्थ जिंदल ने कहा, तीन खिलाड़ियों/स्टाफ द्वारा नियम तोड़ने पर शर्मिदा हूं। इसके लिए वे माफी मांगते हैं। तीनों के खिलाफ कार्रवाई होगी।’’

उन्होंने लिखा, ‘‘हमने मालदीव फुटबॉल संघ को सूचित कर दिया है कि हम मैच का आयोजन नहीं कर सकते और उन्हें बेंगलुरू एफसी की रवानगी की तैयारी करने को कहा है। हम ग्रुप चरण के मुकाबले स्थगित करने के लिए मालदीव फुटबॉल संघ के जरिए एएफसी से बात करेंगे।’’ मालदीव को प्ले आफ मुकाबले के अलावा ग्रुप डी के सभी मैचों का आयोजन करना है क्योंकि कोविड-19 महामारी को देखते हुए एएफसी एक ही स्थल पर सभी मैच कराना चाहता है।

माहलूफ के ट्वीट के बाद ग्रुप डी के सभी मैचों पर भी संदेह के बादल छा गए हैं। एटीके मोहन बागान को बीएफसी और ईगल्स के बीच होने वाले प्ले आफ के विजेता से 14 मई को अपने पहले मैच में भिड़ना है। माहलूफ ने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘‘मामलों के बढ़ने और जनता के दबाव के बावजूद हमने कुछ महीनों पहले की गई अपनी प्रतिबद्धता का सम्मान किया।’’