सुप्रीम कोर्ट ने शर्तों के साथ UP Panchayat Elections की मतगणना को दी इजाजत, रविवार को होगी वोटों की गिनती

सुप्रीम कोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग से पूछा कि क्या मतगणना करवाना जरूरी है? क्या उसको स्थगित नहीं किया जा सकता है। अगर तीन हफ्ते टाल दिए जाएंगे तो क्या आसमान टूट जाएगा?

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उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव के मतगणना को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। जस्टिस ए एम खानविलकर और जस्टिस ह्रषिकेश रॉय की अदालत ने कहा कि राज्य में पहले हालात सुधर जाए उसके बाद ही मतगणना होनी चाहिए। लेकिन बाद में अदालत ने कुछ शर्तों के साथ मतगणना को दी इजाजत दे दी।

अदालत ने चुनाव आयोग से सवाल किया कि क्या आपने वर्तमान स्थिति का आकलन किया है? यह एक कोरोना संकमण की गतिशील स्थिति है? सुनवाई के दौरान यूपी चुनाव आयोग की और से ASG ऐश्वर्या भाटी ने अदालत को बताय कि प्रशासन ने 829 मतगणना केंद्रो पर पूरा इंतजाम कर लिया है। कोविड नियमों का पालन किया जाएगा। अधिकारियों को कहा गया है कि सभी नियमों का गंभीरता से पालन किया जाए।

सुप्रीम कोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग से पूछा कि क्या मतगणना करवाना जरूरी है? क्या उसको स्थगित नहीं किया जा सकता है। अगर तीन हफ्ते टाल दिए जाएंगे तो क्या आसमान टूट जाएगा? पीठ ने कहा कि आपको पहले स्थिति का आकलन करना होगा। आपको बड़े स्तर पर निर्णय लेना होगा। क्या गिनती करना आवश्यक है या आप स्थगित कर सकते हैं?

अदालत ने सवाल किया कि शिक्षक एसोसिएशन ने याचिका दाखिल की है कि वो काम नहीं करना चाहते हैं। 700 शिक्षकों की मौत हो गयी है। ऐसे हालात से कैसे निपटेंगे? किया जाएगा, सभी का तापमान लिया जाएगा। आयोग की तरफ से कहा गया कि जब पंचायत चुनाव की शुरुआत हुई थी तो उस दौरान कोरोना कि दूसरी लहर नहीं आयी थी। यह भयंकर आपदा है जिसका हम सब सामना कर रहे हैं।

बताते चलें कि भारत में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण के एक दिन में अब तक के सर्वाधिक चार लाख से अधिक नए मामले सामने आए हैं और उपचाराधीन मामलों की संख्या अब 32 लाख के पार हो गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के शनिवार सुबह आठ बजे अद्यतन किए गए आंकड़ों के अनुसार, कोरोना वायरस संक्रमण के 4,01,993 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 1,91,64,969 हो गई तथा 3,523 और लोगों की मौत होने के बाद कुल मृतक संख्या बढ़कर 2,11,853 हो गई।