सोनिया गांधी ने अटल को घर बिठा दिया था, बोले कमलनाथ, कहा- हम हारे तो हारे, भाजपा तो नहीं जीती

कमल नाथ ने कहा “ये बात तो सही है कि पार्टी का अच्छा प्रदर्शन नहीं था। हमें आत्मचिंतन की जरूरत है। असम में हारे, हम केरल में हारे, पर भाजपा तो नहीं जीती। बंगाल में क्या बोले थे 200 पार करेंगे, क्या हुआ? कांग्रेस का अस्तित्व खतरे में नहीं है। पार्टी को आत्मचिंतन की जरूरत है।”

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देश के चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा। पार्टी को बंगाल में एक भी सीट नहीं मिली। असम और केरल में भी पार्टी विफल रही। पुडुचेरी भी कांग्रेस के हाथ से निकल गया, ऐसे में पार्टी ने नेतृत्व को लाकर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं।

चुनाव के नतीजों को लेकर ‘आजतक’ के कार्यक्रम ‘सीधी बात’ में वरिष्ठ पत्रकार प्रभु चावला ने कांग्रेस के दिग्गज नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ से कुछ सवाल किए। चावला ने कहा “कांग्रेस आईसीयू में पहुंच गई है। अपने सभी राज्यों में खराब प्रदर्शन किया है।” इसपर कमल नाथ ने कहा “ये बात तो सही है कि पार्टी का अच्छा प्रदर्शन नहीं था। हमें आत्मचिंतन की जरूरत है। असम में हारे, हम केरल में हारे, पर भाजपा तो नहीं जीती। बंगाल में क्या बोले थे 200 पार करेंगे, क्या हुआ? कांग्रेस का अस्तित्व खतरे में नहीं है। पार्टी को आत्मचिंतन की जरूरत है।”

कमलनाथ ने कहा “सबका बुरा वक़्त होता है, 1984 में भाजपा की यही स्थिति थी। 2004 में जब में कांग्रेस का महामंत्री था सब मज़ाक उड़ते थे। सुषमा स्वराज कहती थी मैं बाल कटवा लूंगी, कोई कहता था एनआरआई बन जाएंगे। तब सोनिया गांधी का मुक़ाबला अटल जी से था। अटल जी से लोग प्यार करते थे, लेकिन इसी सोनिया गांधी ने अटल जी को घर बैठा दिया था।”

ममता बनर्जी को 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए विपक्ष का चेहरा बनाया जाना चाहिए या नहींम इसको लेकर भी चावला ने कमलनाथ से सवाल पूछा। प्रभु चावला ने उनसे सवाल किया कि, आपने कहा कि ममता जी काफी आक्रामक नेता हैं। आपने उनकी तारीफ की। आपको क्या लगता है कि ममता बनर्जी को विपक्ष का नेतृत्व करने के लिए लीडरशिप देनी चाहिए?

इस पर कमलनाथ ने जवाब दिया कि आज यूपीए को बैठकर फैसला करना पड़ेगा। सोनिया जी भी ममता जी से बात करें। सोनिया जी भी जानती हैं कि क्या स्थिति है। आज किसी ने अपनी आंखें नहीं बंद की है। प्रभु चावला ने सवाल किया कि क्या आपको नहीं लगता कि सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी होने के बावजूद आप अपना काम करने में विफल रहे हैं। कोविड में विपक्ष का जो कॉपरेशन होना चाहिए था वो नहीं है?

इस पर कमलनाथ ने कहा कि हम प्रशासन नहीं है, हम गवर्मेंट नहीं हैं। हम क्या कॉपरेशन करेंगे। मध्य प्रदेश के संदर्भ में कहूं या फिर देश के संदर्भ में कहूं आज देश, प्रशासन सरकार भरोसे नहीं है भगवान भरोसे है। अस्ताप के लिए लाइन, बेड के लिए लाइन, ऑक्सीजन के लिए लाइन, श्मशान, कब्रिस्तान के लिए लाइन और आप कह रहे हैं कि हम कॉपरेट नहीं कर रहे हैं।