‘सौदागर’ में दिलीप कुमार का मात्र लहजा बदलने से नाराज हो गए थे राजकुमार, सुभाष घई ने इस बात पर किया था राजी

‘सौदागर’ में दिलीप कुमार का मात्र लहजा बदलने से ही राजकुमार नाराज हो गए थे। हालांकि निर्देशक की एक बात पर वह तुरंत राजी भी हो गए थे।

dilip kumar, raaj kumar बॉलीवुड एक्टर दिलीप कुमार और राजकुमार (फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस)

बॉलीवुड के मशहूर एक्टर दिलीप कुमार और राजकुमार ने फिल्म ‘सौदागर’ में साथ काम किया था। इस फिल्म में यूं तो कई बड़े कलाकार थे, लेकिन दिलीप कुमार और राजकुमार का साथ कास्ट होना ही लोगों के लिए बड़ी बात थी। फिल्म में जहां राजकुमार ने अमीर व्यक्ति का किरदार अदा किया था तो वहीं दिलीप कुमार ने उनके दोस्त का रोल निभाया था। शूटिंग के वक्त दिलीप कुमार का लहजा और भाषा का उच्चारण बदल दिया गया था, जिसे लेकर राजकुमार नाराज हो गए थे। हालांकि सुभाष घई के मनाने पर एक्टर राजी भी हो गए थे।

दिलीप कुमार और सुभाष घई से जुड़ा यह किस्सा एक्टर मुकेश खन्ना ने अपने यू-ट्यूब वीडियो में सुनाया था। मुकेश खन्ना ने इस किस्से को साझा करते हुए बताया, “शूटिंग के दौरान राजकुमार थोड़े से नाराज हो गए थे। उन्हें बताया गया था कि वह अमीर थे और दिलीप कुमार उनके दोस्त थे, लेकिन गरीब थे।”

मुकेश खन्ना ने किस्से को साझा करते हुए आगे कहा, “दिलीप साहब भाषा को जिस प्रकार से बदलते थे, वह हर बार हिट होता था। ऐसे में जब राज जी को पता चला कि इस फिल्म के लिए भी दिलीप कुमार की भाषा का लहजा बदल दिया गया है तो वह थोड़े से नाराज हो गए। उन्होंने सुभाष जी से कहा कि आपने मुझे क्यों नहीं बताया।”

मुकेश खन्ना ने वीडियो में आगे कहा, “सुभाष घई ने उन्हें मनाया और कहा, ‘आप महल में रहते हैं, वह गांव में रहते हैं। ऐसे में गांव की बोली तो आएगी ही ना उनके अंदर।’ तो इस तरह से उन दोनों को सेट पर संभाला जाता था।” बता दें कि सुभाष घई को लेकर यह भी कहा जाता था कि वह ‘सौदागर’ के सेट पर दिलीप कुमार और राजकुमार से एक-दूसरे के बारे में झूठ बोला करते थे।

बता दें कि दिलीप कुमार और राजकुमार में सालों से दुश्मनी थी। ऐसे में दोनों को साथ कास्ट करना भी निर्देशक के लिए आसान नहीं था। सुभाष घई ने अपने एक इंटरव्यू में कहा था कि जब वह दिलीप कुमार को फिल्म की कहानी बताने गए तो एक्टर इसे करने के लिए राजी हो गए थे। लेकिन जब उन्होंने अपने साथ कास्ट हो रहे एक्टर के बारे में पूछा तो पहले सुभाष घई कार में बैठ गए और राजकुमार का नाम लेते ही वहां से फरार हो गए।