हजारों संतों की मौजूदगी में बाघंबरी मठ के नए महंत बनाए गए बलवीर गिरि, जानें क्या होते हैं इसके मायने; नरेंद्र गिरी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी मौत

समारोह के दौरान परंपरानुसार महंत नरेंद्र गिरी की रुचि वाले भोजन को ‘दान’ और ‘भोग’ के रूप में प्रस्तुत किया गया।” चुने हुए संतों ने नए महंत पर चंदन का लेप लगाया और पट्टा पहनाए।

Narendra Giri, Baghambari Gaddi प्रयागराज के बाघंबरी मठ के नए महंत बलवीर गिरि। (फोटो- सोशल मीडिया)

प्रयागराज में बाघंबरी मठ के महंत के रूप में मंगलवार को बलवीर गिरि का परंपरागत और मंत्रोच्चारण के बीच पट्टाभिषेक किया गया। इस समारोह में हजारों संत-महात्मा और अन्य लोग मौजूद रहे। पट्टाभिषेक समारोह में 13 अखाड़ों के महंतों और संन्यासियों ने अपना आशीर्वाद दिया। मंगलवार को ही बाघंबरी मठ के पूर्व महंत नरेंद्र गिरि की षोडसी भी हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीनिरंजनी अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरि ने की। पट्टाभिषेक के बाद महंत बलवीर गिरि ने नरेंद्र गिरि की समाधि पर मत्था टेका और पूजन किया। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि पिछले 17 वर्षों से इस मठ के महंत थे। उनका हाल ही में संदिग्ध परिस्थितियों में निधन हो गया था।

महंत नरेंद्र गिरि की वसीयत के आधार पर निरंजनी अखाड़े के पंच परमेश्वर ने बलवीर को उत्तराधिकारी चुना था। महंत नरेंद्र गिरि निरंजनी अखाड़े के सचिव भी थे, लेकिन अभी उनके उत्तराधिकारी बलवीर को यह पद नहीं दिया जाएगा।

समारोह के दौरान परंपरानुसार महंत नरेंद्र गिरी की रुचि वाले भोजन को ‘दान’ और ‘भोग’ के रूप में प्रस्तुत किया गया।” चुने हुए संतों ने नए महंत पर चंदन का लेप लगाया और पट्टा पहनाए। समारोह में संतों के एक समूह को 16 तरह के सामानों को दिया गया। इसमें कपड़े, कपड़े का थैला, छड़ी, बर्तन, छाता आदि शामिल रहे।

समारोहों के बाद आयोजित भंडारा के लिए 60 रसोइयों को लगाया गया था और 1,000 से अधिक सेवादारों (शिष्यों) ने अपनी जिम्मेदारी निभाई है। पूरे कार्यक्रम के लिए मठ को फूल मालाओं से भव्यता से सजाया गया है। प्रवेश द्वारों, समारोह स्थल और रास्तों को गुलाबी और सफेद रंग के गेंदे से बनी मालाओं से सजाया गया है।

पट्टाभिषेक से पहले महंत नरेंद्र गिरि को श्रद्धांजलि दी गई। इसमें निर्मल अखाड़ा के अध्यक्ष ज्ञानदेव, अखाड़ा परिषद के महामंत्री महंत हरि गिरि, विहिप नेता दिनेश जी, शिक्षक विधायक सुरेश त्रिपाठी, समेत सैकड़ों अन्य लोग भी शामिल हुए।

समारोह में संतों-महंतों और संन्यासियों के साथ ही जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। सुरक्षा के लिए आठ थानों की फोर्स मठ के अंदर और बाहर तैनात की गई है। साथ में पीएसी की भी एक पलटन लगाई गई है।