हमें कुचलेंगे तो मारे जाएंगे- लाइव डिबेट में बोले किसान नेता तो भड़क गईं एंकर, बोलीं- आपसे ये उम्मीद नहीं थी

लखीमपुर की घटना पर भड़कते हुए किसान नेता पुष्पेंद्र चौधरी ने कहा कि ‘अगर हमें कुचला जाएगा तो वो भी मारे जाएंगे।’ पैनलिस्ट की इस बात को सुन कर एंकर बेहद गुस्से में आ गईं और बोलीं कि वह ‘हिंसा को प्रमोट कर रहे हैं।’

जी न्यूज की लाइव डिबेट में एंकर और पत्रकार अदिति त्यागी की पैनलिस्ट पुष्पेंद्र चौधरी संग तीखी बहस होती नजर आई। लखीमपुर की घटना पर भड़कते हुए किसान नेता पुष्पेंद्र चौधरी ने कहा कि ‘अगर हमें कुचला जाएगा तो वो भी मारे जाएंगे।’ पैनलिस्ट की इस बात को सुन कर एंकर बेहद गुस्से में आ गईं और बोलीं कि वह ‘हिंसा को प्रमोट कर रहे हैं।’

एंकर अदिति त्यागी ने पैनलिस्ट से पूछा- ‘पुष्पेंद्र जी मेरा सवाल ये है कि किसान को सियासत से क्या लेना? लेकिन आप ये जो वीडियो वॉर देख रहे हैं, तेरा-मेरा वीडियो चल रहा है, जिसे जो सूट कर रहा है, वो वही बोल रहा है। लेकिन वीडियो में जो दृश्य है वो दिल देहला देने वाला है। किसान क्या मोहरा नहीं बन रहा है?’

इस पर पुष्पेंद्र चौधरी एंकर के सवाल का जवाब देते हैं- ‘नहीं-नहीं राजनैतिक मोहरा कोई नहीं बन रहा है। ये जो घटना हुई है, ये एक दिन की बनी हुई नहीं है। जब ये पंजाब से आ रहे थे तब किसानों के साथ ये व्यवहार किया गया। फिर इनके अधिकारियों द्वारा सिर फोड़ने की बात कही गई। इसके बाद इनके हरियाणा के मुख्यमंत्री का भी बयान आया। फिर गृह राज्य मंत्री, जो पूर्व में हिस्ट्री शीटर भी रहे हैं, 302 के मुकदमें में आरोपित भी रहे हैं। वो व्यक्ति जो आज इतनी बड़ी पोजिशन पर बैठे हैं, कह रहे हैं कि दो मिनट लगेंगे सुधार दिए जाओगे। लखीमपुर खेरी छोड़ कर भागना पड़ जाएगा। इस तरह की इनकी भाषा है। इसके बाद पूरे देश ने देखा है कि इनकी जीप ने किसानों को रौंदने का काम किया है। कल तक इनका बयान था कि जीप पलट गई थी। उसमें लोग दब गए। आपने खुद देखा जीप खड़ी है,वउसे छोड़ कर के लोग भाग रहे हैं। इनका झूठ तो यहीं से साबित हो गया।’

एंकर इस पर कहती हैं- ‘जीप के टूटे हुए शीशे भी हमने दिखाए, वो भी दिखाया जब लाठी-डंडों से एक व्यक्ति को पीटा जा रहा है। उस पर आप क्या कहेंगे?’ इस पर चौधरी कहते हैं- ‘बिलकुल बताता हूं, जो घटना आप कह रही हैं, वो बाद की घटना है। पहले रौंदने की घटना हुई है। पीछे से गाड़ी उन्हें हिट करते हुए आई है। जब गाड़ी के नीचे लोग फंस गए और गाड़ी आगे नहीं चल पाई तब ये गाड़ी छोड़ कर भागे हैं। उसके बाद ये हिंसा हुई है।’ एंकर कहती हैं- ‘आपका दावा एक तरफ है, मुझे आपकी एक बात से आपत्ति है, आप हिंसा का जस्टिफिकेशन दे रहे हैं? लिंचिंग का जस्टिफिकेशन दे रहे हैं?’

इस पर चौधरी कहते हैं- ‘मैं बहुत सख्त बात कहने जा रहा हूं?’ इस पर एंकर कहती हैं- ‘सर ऐसी बात कहिएगा जो इस देश के संविधान के दायरे में हो और अराजक्ता को प्रमोट न करती हो। जिनकी लिंचिंग हुई उसपर आप क्या कहेंग’? इस पर पुष्पेंद्र चौधरी कहते हैं- ‘चींटी को भी कुचलो तो वो भी काट देती है। यहां तो आपने रौंद डाला।’ एंकर पूछती हैं – ‘क्या इस देश का कानून ये कहता है, जो बातें आप कर रहे हैं पुष्पेंद्र जी? आप हिंसा को प्रमोट कर रहे हैं, आपसे ऐसी उम्मीद तो नहीं है मुझे।’ ऐसे में वह जवाब देते हुए कहते हैं- ‘सुन लीजिए, जी हमें भी उम्म्मीद नहीं थी कि हमें रौंद देंगे ये। अगर मेरे घर में आकर कोई मुझे रौंदेगा-काटेगा तो मैं चुपचाप नहीं बैठा रहूंगा।’