‘हम दो, हमारे दो’ डिबेट में बोले प्रवक्ता तो चिल्लाने लगे संबित पात्रा, बोले- मैं बताता हूं कौन हैं दो

संबित पात्रा ने कहा कि कांग्रेस के लोगों को राजपरिवार की बात करते शर्म आनी चाहिए। भारत में राजपरिवार कौन सा है सब जानते हैं।

sambit patra

आज तक पर डिबेट के दौरान बीजेपी के संबित पात्रा ने कहा, “राहुल गांधी ने कहा है कि जिस तरह से वहाबियों का मक्का पर नियंत्रण है। राजपरिवार देश चलाते हैं। उसी तरह भारत में आरएसएस संस्थाओं पर काबिज है। मुझे तो समझ नहीं आया कि राहुल गांधी के इस बयान को अभी तक किसी ने सुना क्यों नहीं? राहुल गांधी कह रहे हैं कि वहाबियों का कब्जा है मक्का के ऊपर। कौन सा राजपरिवार देश चला रहा है? क्वीन विक्टोरिया तो कांग्रेस की सोनिया गांधी हैं। राहुल गांधी प्रिंस हैं।” डिबेट के बीच में कांग्रेस प्रवक्ता बोल पड़े हम दो, हमारे दो। जिसका जवाब देते हुए संबित पात्रा ने कहा कि हम दो हमारे दो का मतलब है राजीव गांधी, सोनिया गांधी और उनके दो राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा। ये हम दो हमारे दो कांग्रेस पार्टी को ले डूबेंगे।

संबित पात्रा ने कहा कि कांग्रेस के लोगों को राजपरिवार की बात करते शर्म आनी चाहिए। भारत में राजपरिवार कौन सा है सब जानते हैं। गांधी परिवार को लगता है कि ये देश इनकी बपौती है। भारत के लोग आपके दास हैं क्या? पात्रा ने कांग्रेस प्रवक्ता से कहा कि आप गांधी परिवार की चाटुकारिता करना बंद कर दीजिए। गुलामी करने के बाद देखो आनंद शर्मा, मनीष तिवारी, वीरप्पा मोइली का क्या हो रहा है? इतनी गुलामी और चरण वंदना करने के बाद भी क्वीन विक्टोरिया उनको पूछ नहीं रही हैं।

डिबेट में एंकर ने पूछा क्या सरकार महंगाई और बेरोजगारी को कम करने के लिए काम करेगी? इस पर पात्रा ने कहा कि इसका मतलब ये नहीं कि आरएसएस को गाली दी जाएगी। मालूम हो कि आज बीजेपी ने आपातकाल पर राहुल गांधी की टिप्पणियों को मजाक करार दिया।

बता दें कि राहुल गांधी ने कहा था कि संस्थाएं उस समय कमजोर नहीं हुई थीं जैसे कि आज आरएसएस द्वारा किया जा रहा है।

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि कांग्रेस नेता को आरएसएस को समझने में लंबा समय लगेगा। जावड़ेकर ने कहा कि उनकी टिप्पणियां हंसी के योग्य हैं। उस समय, सरकार ने सभी संगठनों को प्रभावित किया था।

मंत्री ने कहा कि सांसदों और विधायकों को गिरफ्तार कर लिया गया था। लगभग सभी दलों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। समाचार पत्र भी बंद कर दिए गए थे।