‘हम दो हमारे दो, डीजल नब्बे पेट्रोल सौ, आप किसका भला कर रहे सबको पता है’, कांग्रेस प्रवक्ता ने LJP नेता पर साधा निशाना

कांग्रेस प्रवक्ता का भाजपा से सवाल- एक्साइज ड्यूटी से सरकार का 20 लाख करोड़ रुपए का एडिशनल कलेक्शन हुआ है, कौन से मद में इतना पैसा खर्च किया गया?

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देशभर में पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम अब केंद्र के लिए सिरदर्द बन गए हैं। विपक्ष के साथ आम जनता भी लगातार सरकार से सवाल पूछ रही है। दरअसल, मोदी सरकार में एक्साइज ड्यूटी उच्चतम स्तर पर है। इसके चलते कुछ राज्यों में पेट्रोल के दाम 100 रुपए तक पहुंच चुके हैं। वहीं, डीजल भी 90 के पार है। इसे लेकर गुरुवार को एक डिबेट में जब एनडीए की तरफ से चर्चा के लिए आए लोजपा प्रवक्ता एके बाजपेयी ने सरकार का बचाव किया, तो कांग्रेस प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने उन पर तंज कसा।

क्या था एंकर का सवाल: न्यूज 24 के एंकर संदीप चौधरी ने जब कहा कि तेल के दाम पिछले 10 दिन से लगातार बढ़ रहे हैं। कोई बयान नहीं आ रहा सरकार की तरफ से। अगर देश में कल्याणकारी काम हो रहे हैं, गरीबों के लिए डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर हो रहे हैं, तो पैसा कहीं न कहीं से तो आएगा। वो पेट्रोल-डीजल से आएगा, ऐसा कहा जा रहा है।

गौरव वल्लभ बोले- कैसे करें पीएम की बात का विश्वास:  इस पर कांग्रेस प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने कहा- “मैं सिर्फ एक ही लाइन में जवाब दूंगा। हम दो हमारे दो, डीजल नब्बे पेट्रोल सौ। यह आपका नारा है। आप वेलफेयर किसका कर रहे हो, वो भी देश को पता है। सात साल में डीजल के ऊपर जो एक्साइज ड्यूटी है वो 28.50 रुपए बढ़ी है। पिछले साढ़े छह साल में मोदी सरकार के। 20 लाख करोड़ रुपए का एडिशनल कलेक्शन हुआ है। कौन से मद में इतना पैसा खर्च किया है।”

गौरव वल्लभ आगे बोले- कोरोना काल में कच्चे तेल की कीमत 25 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई थी। लेकिन हमारे देश में तेल के दाम कम नहीं हुए। बजट में पेट्रोल-डीजल पर सेस लगाया गया, तो यह कहा गया कि भाव नहीं बढ़ेंगे, लेकिन वित्त मंत्री ने जैसे ही ऐसा बोला उसके अगले दिन से ही भाव बढ़ना शुरू हो गए। तो वित्त मंत्री, प्रधानमंत्री जो संसद में कहते हैं, उन शब्दों का भी कोई महत्व नहीं। फिर कहते हैं कि आप हमारी बात का विश्वास क्यों नहीं करते।

वैट के मुद्दे पर घिरे कांग्रेस प्रवक्ता: इस पर एंकर ने कांग्रेस प्रवक्ता को ही घेर लिया। उन्होंने पूछा- आप बड़ी चालाकी से सिर्फ एक्साइज ड्यूटी की बात कर रहे थे। इसमें वैट भी आता था। मैंने शुरुआत में ही श्रीगंगानगर की बात की थी, वो राजस्थान में है (जहां कांग्रेस की सरकार है)। महाराष्ट्र में 38 फीसदी वैट है। पंजाब में 35 फीसदी वैट है। राजस्थान में 30 फीसदी वैट है। हटा दीजिए न वैट। आप नजीर बनाइए न।