हरियाणा चुनाव को लेकर बोले भाजपा नेता-अब गारंटी नहीं है कि मोदी के नाम पर वोट मिल जाएं

हरियाणा में अगला विधानसभा चुनाव 2024 में होंगे। उसी साल लोकसभा का भी चुनाव होगा। मनोहर लाल खट्टर सरकार को तीसरी बार सत्ता में आने के लिए लोगों का विश्वास जीतना होगा। हालांकि किसान आंदोलनकारियों के प्रति सरकार का रवैया काफी सख्त होने से किसानों में उनकी सरकार के प्रति काफी नाराजगी है।

Haryana Election, BJP केंद्रीय मंत्री और गुड़गांव के सांसद राव इंद्रजीत सिंह। (फोटो- इंडियन एक्सप्रेस फाइल)

पीएम मोदी की लोकप्रियता प्रधानमंत्री बनने के बाद लगातार बढ़ती रही है। देश में आम चुनाव और विधानसभा के चुनावों में कई बार वोट उनके नाम और चेहरे पर मिलते हैं। जिन सभाओं को मोदी जी संबोधित करते हैं, वहां पार्टी के पक्ष में वोट का प्रतिशत जरूर बढ़ जाता है। 2014 से यह लगातार हो रहा है। लेकिन पिछले करीब एक साल से चल रहे किसान आंदोलन ने इसको कुछ हद तक नकारात्मक रूप से प्रभावित किया है। किसान आंदोलन में सबसे ज्यादा पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी यूपी के किसान शामिल हैं।

इसको लेकर केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने पार्टी की आंतरिक बैठक में कहा कि भाजपा को तीसरी बार हरियाणा जीतने के लिए संघर्ष करना पड़ेगा। अब पीएम मोदी के नाम पर वोट नहीं मिलेंगे। बैठक में उन्होंने कहा, “नरेंद्र मोदी का आशीर्वाद हम पर है। हमारे राज्य पर… लेकिन इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि उनके नाम से ही हमें वोट मिलेगा। हम चाहते हैं कि मतदाता मोदी के नाम पर वोट दें, लेकिन यह भाजपा कार्यकर्ताओं पर निर्भर करता है कि वोट डलवाएं। क्योंकि वे जमीनी स्तर से जुड़े हैं। इसका एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वे ऐसा बोलते हुए दिख रहे हैं।

2014 के आम चुनावों में भाजपा की भारी जीत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा: “यह बात सही है भाजपा मोदी जी की वजह से केंद्र में सरकार बना सकी है। राज्यों पर भी इसका व्यापक प्रभाव पड़ा … यहां तक ​​कि हरियाणा में भी जहां पहली बार सरकार बनी है, और दूसरी बार भी बन सकी… लेकिन आमतौर पर ऐसा होता है कि किसी और पार्टी को भी मौका मिलता है।”

उन्होंने कहा कि भाजपा को पहली बार हरियाणा की 90 विधानसभा सीटों में से 47 और दूसरी बार 40 सीटें मिली हैं। कहा कि ऐसे मामलों में जीत का अंतर कम होना सामान्य बात है। उन्होंने वरिष्ठ नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि हमें सोचना होगा, “क्या हम उन 45 सीटों पर कब्जा कर पाएंगे।”

हरियाणा में अगला विधानसभा चुनाव 2024 में होंगे। उसी साल लोकसभा का भी चुनाव होगा। मनोहर लाल खट्टर सरकार को तीसरी बार सत्ता में आने के लिए लोगों का विश्वास जीतना होगा। हालांकि किसान आंदोलनकारियों के प्रति सरकार का रवैया काफी सख्त होने से किसानों में उनकी सरकार के प्रति काफी नाराजगी है।