हवाई चप्पल पहनने वाले व्यक्ति को भी हवाई यात्रा की सुविधा देना चाहते हैं, बोले ज्योतिरादित्य सिंधिया

सिंधिया ने कहा कि केंद्र सरकार अफगानिस्तान से भारतीय नागरिकों को वापस लाने के लिए ‘वंदे भारत मिशन’ की तरह सभी प्रयास करेगी।

Corona Pandamic, Rahul Gandhi केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (फोटो सोर्स – पीटीआई)

देश में विमानन सेवाओं को आम आदमी के लिए किफायती बनाने पर जोर देते हुए केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बुधवार को कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार हवाई चप्पल पहनने वाले व्यक्ति को भी हवाई सफर की सुविधा देना चाहती है। सिंधिया ने इंदौर में संवाददाताओं से कहा, “हम आम लोगों तक हवाई यात्रा की किफायती सुविधा पहुंचाना चाहते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बार-बार कहते हैं कि यह सुविधा ऐसी होनी चाहिए कि हवाई चप्पल पहनने वाला व्यक्ति भी हवाई सफर कर सके। भारत में इस संकल्प को साकार करने की पूरी क्षमता है।”

नागरिक उड्डयन मंत्री ने बताया कि देश में हवाई सेवाओं के विस्तार की योजना पर इस मकसद से काम किया जा रहा है कि आने वाले दशक में अधिक से अधिक आम लोग विमान से यात्रा कर सकें। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले चार सालों के दौरान घरेलू नागर विमानन क्षेत्र के विस्तार के तहत कई छोटे शहरों में नये हवाई अड्डे शुरू किए गए हैं। इसके साथ ही, इन स्थानों को बड़े शहरों से जोड़ने वाले नये मार्गों पर हवाई सेवाएं शुरू की गई हैं।

अगानिस्तान से लोगों को सुरक्षित निकालने पर सिंधिया ने कहा कि केंद्र सरकार अफगानिस्तान से भारतीय नागरिकों को वापस लाने के लिए ‘वंदे भारत मिशन’ की तरह सभी प्रयास करेगी। गौरतलब है कि पिछले साल कोविड-19 महामारी के प्रकोप के बाद नियमित अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के निलंबन के बाद विदेशों में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए भारत सरकार द्वारा वंदे भारत मिशन चलाया गया था।

सिंधिया अपनी ‘जन आर्शीवाद यात्रा’ के तहत मंगलवार शाम को मध्यप्रदेश के शाजापुर पहुंचे थे। उन्होंने देर रात पत्रकारों से कहा, ‘‘भारत सरकार एअर इंडिया या भारतीय वायु सेना के विमानों से, जैसे भी संभव होगा अपने नागरिकों को अफगानिस्तान से वापस लाएगी। जैसा हमने वंदे भारत मिशन में किया था।’’

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने गत शुक्रवार को अफगानिस्तान से अपने नागरिकों की निकासी शुरू की थी। निकासी की यह प्रक्रिया तीन दिनों तक जारी रही। लेकिन सोमवार की सुबह भारत से एक उड़ान काबुल के लिए जाने वाली थी तब वहां हवाई अड्डे पर गोलीबारी के बाद नोटेम (नोटिस टू एयरमेन, इसके जरिये काबुल के ऊपर का पूरा एयरस्पेस बंद कर दिया गया था) का नोटिस प्राप्त हुआ। इसलिए सोमवार को निकासी प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न हुई।