हाईवे पर महंगे टोल के सवाल पर बोले नितिन गडकरी, फोकट में नहीं मिलती सुविधाएं

गडकरी ने कहा कि गुणवत्ता वाले एक्सप्रेसवे से यात्रा में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा, यात्रा के लिए ईंधन की लागत भी काफी कम होगी।

नितिन गडकरी ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (डीएमई) की प्रगति की समीक्षा की। (एक्सप्रेस फोटो)।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को नेशनल हाईवे पर टोल शुल्क के बारे में सवालों के जवाब देते हुए कहा कि लोगों को अगर बेहतर सड़कों की जैसी अच्छी सेवाएं चाहिए तो उन्हें भुगतान करना होगा। जब मंत्री से पूछा गया कि क्या एक्सप्रेसवे पर टोल शुल्क यात्रा को महंगा कर देगा तो उन्होंने कहा, “अगर एसी हॉल में कार्यक्रम करना होगा तो किराया तो देना होगा। फोकट में करना है तो मैदान पर बैठ कर भी शादी हो सकती है।”

गडकरी ने कहा कि गुणवत्ता वाले एक्सप्रेसवे से यात्रा में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा, यात्रा के लिए ईंधन की लागत भी काफी कम होगी। गडकरी ने हरियाणा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का निरीक्षण करते हुए कहा, “दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे यात्रा के समय को घटाकर 12 घंटे कर देगा। एक ट्रक को दिल्ली से मुंबई पहुंचने में 48 घंटे लगते हैं। लेकिन एक्सप्रेस-वे पर 18 घंटे ही लगेंगे। इसलिए, एक ट्रक अधिक यात्राएं करने में सक्षम होगा, जिसका अर्थ अधिक व्यवसाय होगा। ”

मालूम हो कि 1,380 किलोमीटर लंबा आठ-लेन एक्सप्रेसवे छह राज्यों से होकर गुजरेगा और 2023 तक इसके पूरे होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, “भविष्य में इस पर ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा और लोगों और कार्गो के लिए इस सड़क पर हेलीपैड होंगे। इससे एयर एंबुलेंस को भी सुविधा होगी। हम इस सड़क पर ऐसी सभी तकनीक का उपयोग करेंगे। ” गडकरी ने कहा, भविष्य में, वह एक्सप्रेसवे के साथ-साथ इलेक्ट्रिक हाईवे भी बनाना चाहते हैं।

इस बारे में बात करते हुए कि नई सड़कों से यात्रा के समय में कैसे कमी आएगी, उन्होंने कहा, “दिल्ली से कटरा (वैष्णो देवी मंदिर के लिए) में छह घंटे, दिल्ली से चंडीगढ़ में दो, दिल्ली से अमृतसर में चार और दिल्ली से देहरादून में दो घंटे लगेंगे।”

गडकरी ने कहा कि अब तक आंशिक रूप से खुला दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे अगले महीने पूरी तरह से खोल दिया जाएगा। उन्होंने कहा, “मैं अगले महीने इसका उद्घाटन करने जा रहा हूं। एक ओवरब्रिज की समस्या थी जिसे ठीक कर लिया गया है। अब, 6,000 करोड़ रुपये से अधिक में बनाया गया एक्सप्रेसवे, दिल्ली और मेरठ के बीच यात्रा के समय को घटाकर 40 मिनट कर देगा।”

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बृहस्पतिवार को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (डीएमई) की प्रगति की समीक्षा की। इस एक्सप्रेसवे के बन जाने के बाद उम्मीद है कि राष्ट्रीय राजधानी और मुंबई के बीच यात्रा का समय 24 घंटे से कम होकर 12 घंटे रह जाएगा।

यह एक्सप्रेसवे आठ लेन का होगा और दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात से होकर गुजरेगा। गडकरी ने यह भी कहा कि दिल्ली-एनसीआर में यातायात जाम और वायु प्रदूषण की समस्या को कम करने के लिए सड़क मंत्रालय 53,000 करोड़ रुपये की 15 परियोजनाओं पर काम कर रहा है।

समीक्षा बैठक के दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह भी मौजूद थे। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के मार्च 2023 तक पूरा होने की संभावना है और इसे भारतमाला परियोजना के पहले चरण के तहत बनाया जा रहा है।

हाल में जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार परियोजना की लागत 98,000 करोड़ रुपये है और यह भारत का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे होगा।