हिमाचल के गवर्नर के साथ हाथापाई, नेता प्रतिपक्ष के साथ चार विधायक सस्पेंड

हिमाचल प्रदेश विधानसभा में नेता विपक्ष और 4 अन्य कांग्रेसी विधायकों को राज्य के राज्यपाल से कथित हाथापाई करने के लिए बजट सत्र की बाकी अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया है।

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हिमाचल प्रदेश विधानसभा में नेता विपक्ष और 4 अन्य कांग्रेसी विधायकों को राज्य के राज्यपाल से कथित हाथापाई करने के लिए बजट सत्र की बाकी अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया है। आरोप है कि कांग्रेस के कुछ विधायकों ने कथित तौर पर हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय से उस समय हाथापाई की जब वे शुक्रवार को बजट सत्र के अपने अभिभाषण के बाद विधानसभा से बाहर निकल रहे थे।

राज्य के संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि राज्यपाल सत्र के बाद अपने वाहन की ओर जा रहे थे जब उनसे विधायकों ने हाथापाई की। पांच कांग्रेस विधायकों में नेता विपक्ष मुकेश अग्निहोत्री समेत विधायक हर्षवर्धन चौहान, सुंदर सिंह ठाकुर, सतपाल रायजादा और विनय कुमार शामिल हैं जिन्हें निलंबित किया गया है।

मंत्री भारद्वाज द्वारा दिए गए प्रस्ताव पर विचार करने के लिए विधानसभा की कार्यवाही आज शुरू हुई थी। इससे पहले सोमवार को सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई थी। आज राज्यपाल विपक्षी कांग्रेस के हंगामे के बीच विधानसभा में अपने संबोधन की सिर्फ अंतिम पंक्ति पढ़ सके थे। जैसे ही सदन सुबह 11 बजे शुरू हुआ, विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक अपनी सीटों से उठे और नारे लगाए।

सदन में राज्यपाल ने अपने संबोधन की अंतिम पंक्ति पढ़ी और कहा कि पूरे भाषण को पढ़ा हुआ माना जाना चाहिए। कांग्रेस सदस्यों ने आरोप लगाया कि भाषण “झूठ का बंडल” है। उन्होंने कहा कि रसोई गैस, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि का मुद्दा भाषण में शामिल नहीं था। मामले में मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने सदन में कांग्रेस सदस्यों के व्यवहार की निंदा की और कहा कि ऐसा नहीं किया जाना चाहिए था।

मालूम हो कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा का सत्र 20 मार्च को समाप्त होने वाला है। मुख्यमंत्री 6 मार्च को विधानसभा में 2021-22 के लिए बजट पेश करेंगे। ये जानकारी स्पीकर विपिन परमार ने गुरुवार को दी।

विधायकों के निलंबन के समय कांग्रेस का कोई भी विधायक सदन में मौजूद नहीं था। सदन में प्रस्ताव को आगे बढ़ाते हुए, संसदीय कार्य मंत्री भारद्वाज ने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने हाथापाई को “राज्यपाल पर हमला” करार दिया है। उन्होंने कहा कि हाल ही में हुए पंचायत चुनावों में पार्टी की हार के बाद कांग्रेस विधायकों की निराशा जगजाहिर हुई है।