हिरासत में बोलीं प्रियंका गांधी- मृतकों से मिलने जाने के कारण मुझे बंद किया गया और मंत्री का बेटा आरोपी होकर भी आजाद, कैसे?

समाचार चैनल NDTV से बात करते हुए प्रियंका गांधी ने सवाल उठाया कि यदि मैं पीड़ित परिवार से मिलने जाती हूं तो मुझे रोक लिया जाता है, जबकि घटना का आरोपी केंद्रीय गृहराज्य का मंत्री का बेटा आजाद घूम रहा है।

Priyanka gandhi लखीमपुर खीरी जा रहीं प्रियंका गांधी को हिरासत में लिया गया। Photo Source- (Twitter/Saral Patel)

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने हिरासत में लिए जाने के बाद राज्य की योगी सरकार को निशाने पर लिया। समाचार चैनल NDTV से बात करते हुए प्रियंका गांधी ने सवाल उठाया कि यदि मैं पीड़ित परिवार से मिलने जाती हूं तो मुझे रोक लिया जाता है, जबकि घटना का आरोपी केंद्रीय गृहराज्य मंत्री का बेटा आजाद घूम रहा है। योगी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि प्रदेश में लोकतांत्रिक और कानूनी प्रक्रिया का पूरी तरह से पतन हो चुका है। उन्होंने कहा कि अगर आप हमें गिरफ्तार कर सकते हैं, तो हत्या के आरोपी मंत्री के बेटे को क्यों नहीं गिरफ्तार किया जा सकता है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि उन्होंने यह नहीं पता है कि उन्हें कहां बंद किया गया है लेकिन अनुमान के आधार पर यह सीतापुर का कोई गेस्ट हाउस मालूम पड़ता है जोकि काफी समय से बंद था। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय मंत्री के बेटे आशीष ने किसानों को कुचला, पुलिस की FIR में आरोपी का नाम है लेकिन मंत्री कह रहे हैं कि वह घटना स्थल पर मौजूद ही नहीं थे।

प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि उन्हें सुबह करीब चार बजे रोका गया, जब वह आउटर लखीमपुर खीरी में ही पहुंची थीं। उन्होंने कहा कि मुझे गिरफ्तारी से पहले बताया गया कि मुझे धारा 151 के तहत गिरफ्तार किया जा रहा है, कानूनी भाषा में इसका अर्थ भविष्य में क्राइम करने की आशंका होता है। उन्होंने कहा कि मुझे कोई कागजात नहीं दिखाए गए हैं, अगर वह मुझे कागज नहीं देते हैं तो मैं इसे अपहरण कह सकती हूं। अगर मुझे धारा 151 के तहत 24 घंटे से ज्यादा गिरफ्तार नहीं रखा जा सकता है तो मैं ऐसे भी बाहर आ सकती हूं।

प्रियंका गांधी ने पुलिस की मंशा पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस ने पहले हमें धारा 144 के उल्लंघन का हवाला देकर रोका, जब हमने उन्हें बताया कि हम 4 से ज्यादा लोग नहीं है तो वह धारा 151 का तर्क देने लगे। प्रियंका ने कहा कि महिला पुलिसकर्मियों ने मुझे धक्का दिया, मेरे साथ मारपीट भी की गई। उन्होंने कहा कि एक आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया क्योंकि वह मंत्री का बेटा है जबकि मैं किसी के घर मिलने जा रही थी तो मुझे हिरासत में लिया गया।

बताते चलें कि लखीमपुर खीरी के तिकोनिया इलाके में हुई हिंसा में चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत के मामले में सोमवार तड़के मौके पर जाते वक्त सीतापुर में हिरासत में ली गईं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने इसके विरोध में अनशन शुरू कर दिया। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने बताया कि प्रियंका और कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य दीपेंद्र हुड्डा समेत कुछ वरिष्ठ नेता लखीमपुर खीरी जा रहे थे। तभी तड़के करीब पांच बजे रास्ते में सीतापुर में उन्हें हिरासत में ले लिया गया और पीएसी के कैंपस में भेज दिया गया।