होटल में सिलेंडर पहुंचाता था KKR का यह बल्लेबाज, कोचिंग में पोछा मारने से किया था मना; IPL ने बदली जिंदगी

आईपीएल ने भारत के ही नहीं दुनिया भर के कई खिलाड़ियों को स्टार बनाया। टी नटराजन, सूर्यकुमार यादव, इशान किशन और मोहम्मद सिराज जैसे खिलाड़ियों ने टीम इंडिया में अपना स्थान बनाया। आईपीएल ने गरीब खिलाड़ियों को अच्छी जिंदगी दी।

Rinku Singh, Kolkata Knight Riders

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) ने भारत के ही नहीं दुनिया भर के कई खिलाड़ियों को स्टार बनाया। टी नटराजन, सूर्यकुमार यादव, इशान किशन और मोहम्मद सिराज जैसे खिलाड़ियों ने टीम इंडिया में अपना स्थान बनाया। आईपीएल ने गरीब खिलाड़ियों को अच्छी जिंदगी दी। इनमें रिंकू सिंह भी एक हैं। रिंकू क्रिकेटर बनने से पहले होटलों में सिलेंडर पहुंचाते थे। यहां तक कि कोचिंग में पोछा मारने की नौबत आ गई थी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।

शाहरुख खान और जूही चावला की मालिकाना हक वाली कोलकाता नाइटराइडर्स ने उन्हें 2018 में 80 लाख रुपए में खरीदा था। रिंकू ने कोलकाता नाइटराइडर्स को दिए इंटरव्यू में बताया, ‘‘हमारे पास ज्यादा पैसे नहीं होते थे। मैं सरकारी स्टेडियम में कम पैसों में कार्ड बनवाकर लेकर प्रैक्टिस करता था। मैच में गेंद लाने के लिए पैसों की जरूरत होती थी, लेकिन मम्मी-पापा देते नहीं थे। इसलिए नहीं खेलता था। वो कहते थे पढ़ाई करो। मैं सीनियर टीम के साथ खेलकर पैसा जुटाता था और खेलता था। मम्मी तो सपोर्ट करती थी, लेकिन पापा पांचों भाईयों को मारते थे। कानपुर में एक टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए जाना था। मम्मी ने पास के दुकानदार से 1000 रुपए कर्ज लेकर दिया था।’’

रिंकू ने इसके बताया, ‘‘हमें पापा का भी काम करना पड़ता था। अगर हम नहीं रहते थे तो गुस्सा हो जाते थे। एक बाइक थी। उस पर हम दो सिलेंडर रखते थे और पहुंचाते थे। हमने पापा की काफी मदद की है। मैं लोकल मैचों में अच्छा खेलता था। एक भाई हैं मोहम्मद जीशान। उन्होंने मेरी काफी मदद की। पैसों से लेकर कपड़े-जूते सब लाकर देते थे। जब क्रिकेट खेलना शुरू किया था तो भाई ने कहा कि जॉब कर लो। कोचिंग में पोछा लगाने की नौकरी थी। उसने कहा कि किसी को पता नहीं चलेगा सुबह में लगाकर चले आना। मैंने वह करने से मना कर दिया। मैंने पूरा ध्यान क्रिकेट पर लगाया।’’

रिंकू ने आईपीएल में चुने जाने के बारे में कहा,‘‘मैं अलीगढ़ का पहला लड़का था जिसका सिलेक्शन आईपीएल में हुआ था। घर वाले काफी खुश थे। जो भी दिक्कतें थीं सब दूर हो गई। छोटे-मोटे कर्जे खत्म किए। इतने पैसे नहीं देखे थे।’’ रिंकू को आईपीएल में खेलने के लिए पर्याप्त मौके नहीं मिले हैं। उन्होंने 10 मैच में 77 रन बनाए हैं। फर्स्ट क्लास में रिंकू ने 27 मैचों में 60.81 की औसत से 2007 रन ठोके हैं। इस दौरान 5 शतक और 12 अर्धशतक लगाया है। उन्होंने 34 लिस्ट ए मैचों में 43.12 की औसत से 1035 रन बनाए हैं।