होम आइसोलेशन में कोविड से उबरे लोगों की किडनी पर खतरा? स्टडी में दावा- पड़ेगी डायलिसिस की जरूरत

नई दिल्ली. एक ओर दुनिया कोविड-19 (Covid-19) संक्रमण से जूझ रही है. लोगों की रिवकरी का प्रतिशत तेज हुआ है और वैक्सीनेशन का काम (Vaccination) दुनिया भर के अलग-अलग देशों में युद्ध स्तर पर चल रहा है. इन सबके बीच एक स्टडी में सामने आया है कि घर पर ही रहकर कोविड से उबरने वाले लोगों का ब्लड फिल्टर करने वाले अंग- किडनी में दिक्कत पहुंच सकती है. यहां तक ​​​​कि जिन लोगों को गुर्दे की बीमारी नहीं है, उन्हें भी एंड स्टेज किडनी डिसीज का खतरा दोगुना हो गया है. यह स्टडी जर्नल ऑफ द अमेरिकन सोसाइटी ऑफ नेफ्रोलॉजी में रिपोर्ट की गई है. आंकड़ों से पता चलता है कि हल्के से मध्यम कोविड रोगियों में से 7.8  लोगों को डायलिसिस या किडनी ट्रांसप्लांट की जरूरत पड़ेगी.

मिसूरी स्थति सेंट लुइस हेल्थ केयर सिस्टम वेटरन्स अफेयर्स में क्लिनिकल एपिडेमियोलॉजी सेंटर के निदेशक ज़ियाद अल-एली ने कहा, ‘यह  छोटी संख्या नहीं है. यदि  इसमें अमेरिकियों या वैश्विक स्तर की आबादी से गुणा करें तो एंड स्टेज किडनी के कई मामले सामने आ सकते हैं. यह वास्तव में बड़ी संख्या है. एक दशक या उससे कुछ समय बाद, हमारे जीवन को नया मोड़ दे सकता है.’

कहां से इकट्ठा किया गया डेटा? 
स्टडी में कहा गया है कि अल-एली और उनके सहयोगियों ने इस साल अप्रैल में डेटा इकट्ठा किया. उन्होंने वेटरन्स हेल्थ एडमिनिस्ट्रेशन में रूटीन डिलवरी के दौरान खून के थक्के, डायबिटीज, सांस लेने में दिक्कत, हृदय, लीवर और किडनी डैमेज के साथ – साथ अवसाद, चिंता और मेमोरी लॉस का इलाज कराने वालों का डेटा  जुटाया. अल-एली की हालिया रिसर्च में 89,216 वीए यूजर्स पर शोध किया गया है. इनकी तुलना उन लोगों की स्थिति से की गई जो किडनी की बीमारी से तो जूझ रहे हैं लेकिन कोविड संक्रमित नहीं हुए.

अल-एली और उनके सहयोगियों ने पाया कि घर में ही भर्ती किए गए कोविड रोगियों में छह महीने के भीतर गुर्दे में खतरे का जोखिम 23% बढ़ ज्यादा है. यह ऐसी स्थिति है जब ब्लड की फिल्टरिंग रुक जाती है. स्टडी में डॉक्टर्स को सलाह दी गई है कि वह संक्रमितों का इलाज करते हुए इस बात को भी ध्यान रखें.

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