1 अक्‍टूबर से बदलने जा रहे हैं डेबिट और क्रेडिट कार्ड से जुड़े नियम, सीधा होगा आपकी जेब पर असर

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अनुसार डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) या अन्य प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट्स (PPI) का उपयोग करने वाले रिकरिंग ट्रांजेक्‍शंस के लिए एडि‍शनल फैक्टर ऑथेंटिकेशन (AFA) की आवश्यकता होगी।

Credit Card आपका क्रेडिट कार्ड जितना पुराना होगा, वो उतना ही आपके सिबिल स्‍कोर पर प्रभाव डालेगा। (Photo By Financial Express)

अगले महीने से ऑटो पेमेंट नियमों में बदलाव होने जा रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने पहले कहा था कि डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) या अन्य प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट्स (PPI) का उपयोग करने वाले रिकरिंग ट्रांजेक्‍शंस के लिए एडि‍शनल फैक्टर ऑथेंटिकेशन (AFA) की आवश्यकता होगी। बड़ी संख्या में क्रेडिट और डेबिट कार्ड यूजर्स ने बिजली और गैस से लेकर म्‍यूजिक और मूवी सब्सक्रिप्शन तक कई सेवाओं के लिए ऑटो-पेमेंट इंस्‍ट्रक्‍शंस निर्धारित किए हैं।

कस्‍टमर्स को अवेयर करना शुरू किया
बैंकों ने अपने ग्राहकों को इस नए नियम के बारे में जानकारी देनी शुरू कर दी है। एक्सिस बैंक द्वारा भेजे गए एक कंयूनिकेशन में कहर कि RBI के रिकरिंग पेमेंट गाइडलाइंस के अनुसार, w.e.f. 20-09-21, रिकरिंग ट्रांजेक्‍शंस के लिए आपके एक्सिस बैंक कार्ड (कार्डों) पर स्थायी निर्देशों का सम्मान नहीं किया जाएगा। आप निर्बाध सेवा के लिए सीधे अपने कार्ड का उपयोग करके व्यापारी को भुगतान कर सकते हैं।

दिसंबर में, भारतीय बैंक संघ के एक अनुरोध के बाद, आरबीआई ने 31 मार्च तक नए ढांचे में माइग्रेट करने के लिए और समय दिया, जिसे बाद में 1 अक्टूबर 2021 तक बढ़ा दिया गया। वहीं आरबीआई ने ये भी कहा था कि एक्‍सटेंडिड टाइम लाइन के अंदर इस ढांचे को नहीं अपनाया गया तो कार्रवाई भी जा सकती है। एक्‍सि‍स बैंक ने अपने पोर्टल पर कहा है कि रिकरिंग ट्रांजेक्‍शंस के लिए कार्ड पर ई-मेंडेट प्रोसेस पर आरबीआई के दिशानिर्देशों के अनुसार, 1 अक्टूबर 2021 से प्रभावी, मौजूदा/नए स्थायी निर्देश जो ऑथेंटिकेशन के दूसरे फैक्‍टर्स के बिना रजिस्‍टर्ड थे उन्‍हें प्रोसेस्‍ड नहीं किया जाएगा। बैंक ने कहा कि वो जल्द जल्‍द नई गाइडलाइंस को लागू करेंगे।

1 अक्टूबर से लागू होंगे नए नियम

  • आपके क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड (घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों) पर स्थापित सभी स्थायी गाइडलाइन को ऑथेंटिकेशन के दूसरे फैक्‍टर्स के बिना प्रोसेस्‍ड नहीं किया जाएगा।
  • मैंडेट रजिस्‍ट्रेशन, मोडिफि‍केश, डिलीशन, के लिए एडि‍शनल फैक्टर ऑथेंटिकेशन (AFA) की आवश्यकता होगी।
  • ग्राहकों को डेबिट से 24 घंटे पहले एक प्री-डेबिट (एसएमएस/ई-मेल) सूचना मिलेगी।
  • ग्राहक प्री-डेबिट अधिसूचना में दिए गए लिंक के माध्यम से लेनदेन या मैंडेट से ऑप्ट-आउट कर सकते हैं।
  • ग्राहकों के पास अपने कार्ड पर सेट किए गए किसी भी स्थायी निर्देश को देखने/संशोधित/रद्द करने की सुविधा होगी।
  • ग्राहक प्रत्येक एसआई के लिए अधिकतम राशि निर्धारित कर सकते हैं। यदि लेन-देन की राशि ग्राहक द्वारा निर्दिष्ट अधिकतम राशि से अधिक है, तो प्री-डेबिट अधिसूचना में ग्राहक के लिए AFA के साथ लेनदेन को प्रमाणित करने के लिए एक लिंक होगा। इस ऑथेंटिकेशन के बिना, ट्रांजेक्‍शन को प्रोसेस्‍ड नहीं किया जाएगा।
  • 5,000 से अधिक की राशि के किसी भी रिकरिंग ट्रांजेक्‍शन के लिए हर बार राशि डेबिट किए जाने पर AFA की आवश्यकता होगी।
  • यदि आपके बैंक खाते में बिल भुगतान के लिए परमानेंट इंस्‍ट्रक्‍शन रजि‍स्‍टर्ड है तो कोई परिवर्तन नहीं होगा। अगर ये आपके बैंक के डेबिट या क्रेडिट कार्ड पर हैं, तो ये 1 अक्टूबर 2021 से अस्वीकृत हो जाएंगे। उदाहरण के लिए नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम, इंश्‍यरेीरेंस पेमेंट पर दी जाने वाली एसआई निष्क्रिय हो जाएगी। हालांकि, म्यूचुअल फंड, एसआईपी, ईएमआई के लिए बैंक खातों का उपयोग करके पंजीकृत एसआई जारी रहेगा।