5 बार फेल हुए लेकिन 6वीं बार में पास कर ली UPSC परीक्षा, नक्सली क्षेत्र में रहकर की पढ़ाई

संतोष ने काफी गरीबी में जीवन जिया है और उनके गांव में आज तक पक्की सड़क नहीं है। लेकिन वह शुरू से देश की सेवा करना चाहते थे, इसलिए वह इस क्षेत्र में आगे बढ़े।

UPSC संतोष भवरी ने UPSC परीक्षा में परचम लहराया है और 607 वीं रैंक हासिल की है। (प्रतीकात्मक फोटो- @pixabay)

बीजापुर: छत्तीसगढ़ का बीजापुर एक नक्सल प्रभावित जिला है। ऐसे में यहां हर समय नक्सलियों का खौफ बना रहता है। लेकिन बंदूक और बम के साये से घिरे इस माहौल में भी संतोष भवरी ने UPSC परीक्षा में परचम लहराया है और 607 वीं रैंक हासिल की है।

इस युवा की मेहनत ने ये साफ कर दिया है कि नक्सलियों की खोखली विचारधारा अब ज्यादा दिनों तक बच्चों को बहका नहीं सकती। नक्सली क्षेत्र के बच्चे शिक्षा के महत्व को समझ रहे हैं और इसी दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

IAS बनना है लक्ष्य: संतोष भवरी इस समय बीजापुर के जिला हॉस्पिटल में चर्म रोग विशेषज्ञ और कुष्ठ रोग निवारण के नोडल अधिकारी हैं।

संतोष पेशे से एक डॉक्टर हैं और IAS बनना चाहते हैं। हालांकि 607वीं रैंक के आधार पर उनका IRS में सिलेक्शन तय है, फिर भी उनका कहना है कि वह IAS के लिए तैयारी करेंगे।

संतोष ने 6वीं बार में ये परीक्षा पास की है, इससे पहले वह 5 बार इस परीक्षा में फेल हो गए थे। हालांकि वह पहले 3 बार UPSC के इंटरव्यू तक पहुंचे।

मेहनत ने दिलाई सफलता: संतोष मूल रूप से आंध्र प्रदेश के छोटे से गांव कंडियम, श्रीकाकुलम जिले के हैं। उन्होंने काफी गरीबी में जीवन जिया है और उनके गांव में आज तक पक्की सड़क नहीं है। लेकिन वह शुरू से देश की सेवा करना चाहते थे, इसलिए वह इस क्षेत्र में आगे बढ़े।

UPSC में सफल होने पर संतोष के गांव में खुशी का माहौल है। संतोष का कहना है कि वह कई बार से कोशिश कर रहे थे, लेकिन अब जाकर उन्हें सफलता मिली है। इस सफलता के पीछे उनके परिवार का संघर्ष छिपा हुआ है, जिसने उन्हें कोई कमी नहीं होने दी।

बता दें कि इससे पहले बीजापुर जिले के ही अजय मोडियम नाम के छात्र का सिलेक्शन CGPSC में हुआ था। उन्हें अपने पहले प्रयास में ही छत्तीसगढ़ में 98वीं रैंक मिली थी।

कहा जा रहा है कि अजय को डिप्टी कलेक्टर का पद मिलना तय है। उनसे पहले उसूर क्षेत्र से ही प्रीति दुर्गम, सत्येंद्र के जी, हिमांशु दुर्गम और अर्चना दुर्गम का सिलेक्शन छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग में हो चुका है और वो अपनी जिम्मेदारी को बखूबी अंजाम दे रहे हैं।