7th Pay Commission: तो इस राज्य के कर्मचारियों को वेतन बढ़ोतरी के लिए करना होगा इंतजार? जानें- क्या नई सरकार करेगी विचार

7th Pay Commission, 7th CPC Latest News: भाजपा ने घोषणा पत्र में बंगाल की जनता से सातवें वेतन आयोग को लागू करने का वादा किया था।

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भाजपा जीती तो हम पश्चिम बंगाल में सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियां लागू कर देंगे। यह बात पार्टी ने घोषणा पत्र में कही ही थी। बाद में गृहमंत्री अमित शाह ने चुनाव रैलियों में भी इसे कई बार दोहराया।

अब भाजपा की सरकार तो बनी नहीं! तो राज्य के कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के क्रियान्वयन के लिए कब तक इंतजार करना पड़ेगा? इस वक्त उन्हें छठे वेतन आयोग द्वारा संस्तुत वेतन मिलता है। यह वेतन अन्य राज्यों के बनिस्बत बहुत कम पड़ता है। दूसरे राज्यों में सातवां आयोग पहले से लागू है।

भाजपा ने राज्य कर्मचारियों के वेतन के अलावा भी कई वादे किए थे। अब उनका क्या होगानामखाना में परिवर्तन यात्रा शुरू करते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने कहा था, हमारा मकसद सिर्फ इतना नहीं कि ममता सरकार हटाकर भाजपा सरकार बिठा दी जाए। हम बंगाल में सामाजिक आर्थिक बदलाव चाहते हैं। औरतों को सम्मान और किसानों-गरीबों को अधिकार देना है। बंगाल में हम ऐसी सरकार चाहते हैं जो मोदी सरकार के साथ कदम से कदम मिला कर चल सके।

चुनावी भाषणों में भाजपा ने किसानों को भी काफी कुछ देने का वादा किया था। उल्लेखनीय है कि बंगाल में किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ भी नहीं मिलता रहा है। सो, नेताओं ने कह डाला था कि सत्ता में आते ही कृषकों को यह लाभ दिलाया जाएगा। सम्मान निधि की व्यवस्था के तहत अब तक सात किस्तें दी गई हैं। प्रत्येक बार 2000 रुपए प्रदान  किए जाते हैं। हर किसान को साल में छह हजार।

भाजपा चुनाव हार गई है। कर्मचारियों को अब सातवां वेतन आयोग बार-बार याद आएगा। समझा जाता है कि ममता के गद्दी संभालते ही कर्मचारियों के नेता सातवें वेतन आयोग की मांग उठाएंगे। मांग चूंकि वाजिब है तो नई सरकार को गंभीरता से बात न सिर्फ सुननी होगी मगर कुछ करना भी होगा। अन्यथा परंपरा के मुताबिक कर्मचारी दबाव डालने की टेकनीक अपनाएंगे। उल्लेखनीय है कि इस राज्य में कर्मचारियों ने छठे आयोग का वेतन भी बड़े संघर्षों के बाद हासिल हुआ था।