7th Pay Commission: बिहार में नई बहाली के बाद ही होंगे तबादले, जानें- कौन हो सकता है पात्र?

7th Pay Commission: बिहार में शिक्षकों के लिए खबर अच्छी नहीं है। पंचायत और नगर निकायों के माध्यम से बहाल शिक्षकों को इस साल भी उन्हें ट्रांसफर के लिए इंतजार करना पड़ सकता है।

7th Pay Commission:बिहार में नई बहाली के बाद ही होंगे तबादले। (फोटोः एजेंसी)

बिहार में शिक्षकों के लिए खबर अच्छी नहीं है। पंचायत और नगर निकायों के माध्यम से बहाल शिक्षकों को इस साल भी उन्हें ट्रांसफर के लिए इंतजार करना पड़ सकता है। बताया जा रहा है कि विभिन्न नियोजन इकाइयों के माध्यम से चल रही शिक्षक बहाली प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तबादला होगा।

90762 प्रारंभिक और 32 हजार से अधिक हाईस्कूलों के शिक्षकों की बहाली प्रक्रिया अभी चल रही है। शिक्षकों के स्थानांतरण के लिए नई नियमावली लागू हो गई है। लेकिन शिक्षा विभाग का मुख्य फोकस शिक्षक बहाली है। तबादला के लिए सॉफ्टवेयर तैयार कर लिया गया है।

उधर, शिक्षक संघों का आरोप है कि इस शिक्षक स्थानांतरण नियमावली में कई खामियां हैं। इससे काफी कम शिक्षकों को ही ट्रांसफर का लाभ मिल सकेगा। नियमावली के अनुसार महिला और दिव्यांग शिक्षकों को एच्छिक तबादला का लाभ देने की बात है, लेकिन महिला और दिव्यांग शिक्षकों की वरीयता निर्धारण में भी भ्रांति है।

दिव्यांग शिक्षक भी वहीं स्थानांतरित हो सकेंगे, जिस पद पर दिव्यांग कोटे में उनकी नियुक्ति हुई है। काफी संख्या में ऐसे दिव्यांग शिक्षक मेरिट के आधार पर सामान्य पद पर नियुक्त हो गए हैं, इन्हें स्थानांतरण का लाभ नहीं मिल सकेगा। म्यूचुअल अंडरस्टैंडिंग से स्थानांतरित होने वाले शिक्षकों को कम सुविधाएं मिलेंगी। प्रारंभिक से लेकर उच्चतर माध्यमिक स्कूलों में अभी चल रहे लगभग सवा लाख शिक्षकों की बहाली वाले सीटों पर तबादला नहीं हो सकेगा।

तबादले के लिए पात्र वो ही शिक्षक होंगे जो तीन वर्ष की सेवा पूरी कर चुके हों। शर्त है कि उनके खिलाफ निलंबन या अनुशासन हीनता की कोई कार्वाई पेडिंग न हो। इनके अलावा जो शिक्षक नियोजन नियमावली के तहत प्रशिक्षित हैं। आवेदन देने की तिथि तक शिक्षक के वेतन का भुगतान हो चुकरा हो। जिन शिक्षक व पुस्तकालय अध्यक्ष की नियुक्ति दिव्यांग के लिए आरक्षित पद पर हुई है वे ही इस श्रेणी के माने जाएंगे।