AIMIM को मोदी-शाह बहुत पंसद, बंगाल में अलग रैली की क्या ज़रूरत- डिबेट में बोले पैनलिस्ट

जितेंद्र तिवारी ने कहा कि कोरोना के समय पर ओवैसी और AIMIM बंगाल में कहीं नजर नहीं आए जब राज्य के लोगों को सेवा की जरूरत थी।

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न्यूज 18 इंडिया पर डिबेट के दौरान टीएमसी प्रवक्ता जितेंद्र तिवारी ने कहा कि कोरोना के समय पर ओवैसी और AIMIM बंगाल में कहीं नजर नहीं आए जब राज्य के लोगों को सेवा की जरूरत थी। प्रवक्ता ने कहा कि वारिस पठान की बात से तो ऐसा लगता है कि ममता से तो इन्हें बहुत परेशानी है लेकिन मोदी बहुत अच्छे लगते हैं। AIMIM को अलग से रैली करने की जरूरत क्या है इनका काम तो मोदी जी पहले से कर ही रहे हैं। इस पर वारिस पठान ने कहा कि ममता और मोदी नफरत की राजनीति करते हैं। संसद में टीएमसी के लोग बहुत संविधान और लोकतंत्र की बात करते हैं लेकिन बंगाल में कुछ और। इनका दोमुहा चेहरा है।

डिबेट में जितेंद्र तिवारी ने कहा कि AIMIM को बंगाल की याद सिर्फ बीजेपी को फायदा पहुंचाने के लिए आई है। वारिस पठान ने कहा कि टीएमसी प्रवक्ता को सही जानकारी नहीं है कोरोना के समय में भी हमारी पार्टा के लोग बंगाल में काम कर रहे थे। आप जाकर मालदा और मुर्शिदाबाद के लोगों से पूछिए। ममता बनर्जी की घबराहट है कि AIMIM को मीटिंग नहीं करने दे रही है। प्रवक्ता ने कहा कि लोकसभा चुनाव तो हम नहीं लड़े थे फिर क्यों बीजेपी 18 सीटें जीत गई।

जितेंद्र तिवारी ने कहा कि आपको मोदी जी अच्छे लगते हैं। इस पर वारिस पठान ने कहा कि मुझे तो संविधान अच्छा लगता है। वारिस पठान ने कहा कि टीएमसी के लोग हमको पाठ नहीं पढ़ा सकते।

वहीं, रिपब्लिक भारत पर जब एंकर ने दिलीप घोष से पूछा कि ममता बनर्जी तो कहती हैं कि बीजेपी के पास बंगाल में कोई चेहरा नहीं है बाहर से नेता आकर प्रचार कर रहे हैं।

इस पर दिलीप घोष ने कहा कि टीएमसी और ममता बनर्जी के खुद के पास कौन सा कोई दूसरा चेहरा है ममता बनर्जी के अलावा। टीएमसी तो एक परिवार की पार्टी है। सीएम ममता टीएमसी की मालिक हैं।

घोष ने कहा कि टीएमसी में पोस्ट सिर्फ ममता बनर्जी के पास है बाकी सारे लैंप पोस्ट हैं। दिलीप घोष ने कहा कि कई राज्य ऐसे हैं जहां चुनाव जीतने के बाद सीएम की घोषणा हुई है।