#Airtel Jio लूट बंद करो टि्वटर पर ट्रेंडः लोगों को याद आया BSNL, पूछने लगे- 1 महीने में 28 दिन के पीछे क्या लॉजिक?

भारती एयरटेल एजीआर मामले पर समीक्षा याचिका के साथ सुप्रीम कोर्ट का रुख करने वाली दूसरी कंपनी है।

airtel, jio तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है। (फाइल फोटो)।

सोशल मीडिया पर चलने वाले ट्रेंड आपको बताते हैं कि आज कल किस मुद्दे पर चर्चा गर्म है। कुछ इसी तरह से शुक्रवार को ट्विटर पर एयरटेल और जिओ के खिलाफ ट्रेंड चलाया गया। सोशल मीडिया यूजर्स ने इन दोनों टेलीकॉम कंपनियों की नीतियों का विरोध किया। ट्रेंड के साथ-साथ लोगों ने खुलकर अपनी बात रखी।

यूजर हंसराज मीना (@HansrajMeena) ने लिखा, ‘हमें हमारा पुराना भारत वापिस चाहिए। हमें बीएसएनएल चाहिए।’ राहुल (@space_rahul) ने लिखा, ‘ये लूट है, वो दिन दूर नहीं जब कार्ड एक्टिव करने के लिए हर महीने 100 रुपए डलवाने होंगे।’ इस ट्रेंड के साथ कई लोगों ने मीम भी शेयर किए। शांत (@move123456789) ने लिखा, ‘ ये ट्रेंड देख कर आइडिया कह रहा होगा, ‘इतनी खुशी मुझे आज तक नहीं हुई।’

डॉ किरण मीना (@Dr_KiranMeeNa) ने लिखा, ‘अगर स्पीड 2G की है तो पैसा 4G का भला क्यों दें…? पूरी दुनिया में महीना 30 दिन का होता है, टेलीकॉम कंपनियों का महीना 28 दिन का क्यों..?’

सुरेश चंद्र (@iam_sureshdash) ने लिखा, ‘केंद्र सरकार को वोडाफोन आइडिया को बचाना चाहिए नहीं तो एयरटेल और जिओ इसी तरह लोगों को लूटते रहेंगे। ऐसे में जनता बस बेबस बनी रहेगी।’

मालूम हो कि वोडाफोन आइडिया लिमिटेड (VIL) ने गुरुवार को कहा कि उसने 2021-22 की पहली तिमाही के लिए लाइसेंस शुल्क का भुगतान कर दिया है। यह टिप्पणी एक रिपोर्ट के बीच आई है कि कंपनी अपना अस्तित्व बचाने के लिए संघर्ष कर रही है। बता दें कि जून तिमाही में कंपनी के पास लाइसेंस शुल्क के भुगतान के लिए 150 करोड़ रुपये की कमी रह गई थी।

AGR मामले में समीक्षा याचिका के साथ भारती एयरटेल सुप्रीम कोर्ट पहुंची: वहीं, भारती एयरटेल एजीआर मामले पर समीक्षा याचिका के साथ सुप्रीम कोर्ट का रुख करने वाली दूसरी कंपनी है। कंपनी ने एजीआर से जुड़ी कैलकुलेशन में गलतियों के सुधार की मांग की है। इस महीने की शुरुआत में, कर्ज में डूबी वोडाफोन आइडिया ने सुप्रीम कोर्ट के 23 जुलाई के आदेश की समीक्षा के लिए इसी तरह की याचिका के साथ शीर्ष अदालत का रुख किया था। कोर्ट ने जुलाई में टेलीकॉम कंपनियों की याचिकाएं खारिज कर दी थीं।