Amazon India ने दी सहूलियतः अब यहां शॉपिंग करना हुआ और आसान! इन भाषाओं में भी मिलेगा खरीदारी का मौका

पिछले साल अमेजन ने कन्नड़, मलयालम, तमिल और तेलुगु को शामिल किया था। अब ग्राहक बंगाली और मराठी में अमेज़न से खरीदारी कर सकेंगे। ये भाषाएं अंग्रेजी के साथ-साथ उपलब्ध हैं और इसका उद्देश्य नए ग्राहकों को आकर्षित करना है।

amazon, amazon india तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है। (एक्सप्रेस फोटो)।

अमेज़न ने सोमवार को अपनी ई-कॉमर्स वेबसाइट पर खरीदारी के लिए दो नई भारतीय भाषाओं बंगाली और मराठी को शामिल किया। नए अपडेट के साथ, अमेज़न अब कुल सात भारतीय भाषाओं में खरीदारी के लिए उपलब्ध है। भाषाओं में बंगाली, हिंदी, कन्नड़, मलयालम, मराठी, तमिल और तेलुगु शामिल हैं। इससे पहले अमेरिका की इस दिग्गज ई-कॉमर्स वेबसाइट ने हिंदी में वॉयस-बेस्ड शॉपिंग की शुरुआत की थी। गौरतलब है कि कंपनी ने ये कदम देश में खरीदारी के सीजन से ठीक पहले उठाया है। कुछ दिन में अमेज़न की ग्रेट इंडियन फेस्टिवल सेल की शुरुआत भी हो जाएगी।

पिछले साल अमेजन ने कन्नड़, मलयालम, तमिल और तेलुगु को शामिल किया था। अब ग्राहक बंगाली और मराठी में अमेज़न से खरीदारी कर सकेंगे। ये भाषाएं अंग्रेजी के साथ-साथ उपलब्ध हैं और इसका उद्देश्य नए ग्राहकों को आकर्षित करना है। अमेज़न इंडिया में कस्टमर एक्सपीरियंस और मार्केटिंग के निदेशक किशोर थोटा ने बताया कि मौजूदा भारतीय भाषाओं का इस्तेमाल करते हुए, अकेले 2021 में 50 लाख से अधिक ग्राहकों ने अमेज़न के साथ खरीदारी की। उन्होंने कहा कि कंपनी ने अब तक जिन भाषाओं को जोड़ा है, वे 80 प्रतिशत से अधिक भारतीय परिवारों द्वारा बोली जाती हैं।

थोटा ने एक इंटरव्यू में कहा, “हमारा प्राथमिक उद्देश्य यह है कि अमेज़न की सुविधा देश भर में हर एक भारतीय तक पहुंचे, चाहे वे कहीं भी हों, उनकी क्षमताएं या प्राथमिकताएं कुछ भी हो सकती हैं।” उन्होंने आगे कहा कि अमेज़न के 65 प्रतिशत से अधिक ऑर्डर और उसके 85 प्रतिशत नए ग्राहक टियर टू या उससे नीचे के क्षेत्रों से हैं। अमेजन का लक्ष्य भारतीय भाषाओं की मदद से खरीदारी को बढ़ाना है।

बता दें कि यूजर अमेज़न ऐप या इसकी वेबसाइट से देश और भाषा सेटिंग में जाकर किसी भी भारतीय भाषा को चुन सकते हैं। पिछले साल के अंत में, अमेज़न पर मराठी को शामिल करने की मांग राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने की थी, जिससे विवाद पैदा हुआ था। उस समय अमेरिकी कंपनी ने “जल्द ही” भाषा को शामिल करने का वादा किया था। हालांकि थोटा ने कहा कि विवाद कंपनी द्वारा मराठी को शामिल करने की वजह नहीं है।