Assembly Elections 2021 Dates: 5 राज्यों में कब, कहां और कितने चरण में मतदान? जानिए नॉमिनेशन से नतीजों तक की हर जानकारी, यहां

West Bengal, Assam, Kerala, Puducherry, Tamil Nadu Assembly Election 2021 Dates, Schedule: दो मई को मतगणना के बाद साफ होगा कि साल 2021 के सबसे पहले चुनावों में कौन-कहां बाजी मारता है।

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Assembly Elections 2021 Dates: निर्वाचन आयोग (ECI) चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए तारीखों का ऐलान कर चुका है। इनमें पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी हैं, जहां 27 मार्च से मतदान की प्रक्रिया शुरू होगी और 29 अप्रैल तक अलग-अलग चरणों में संपन्न होगी। दो मई को मतगणना के बाद साफ होगा कि साल 2021 के सबसे पहले चुनावों में कौन-कहां बाजी मारता है।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) सुनील अरोड़ा ने शुक्रवार को नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनावी शेड्यूल का ऐलान किया। उनके मुताबिक, “चार सूबों और केंद्र शासित पुडुचेरी को मिलाकर कुल 824 विधानसभा क्षेत्रों में विभिन्न चरणों में मतदान होगा और इस दौरान कुल 18.68 करोड़ मतदाता 2.7 लाख मतदान केंद्रों पर मतदान कर सकेंगे।” बंगाल में 27 मार्च से 29 अप्रैल के बीच आठ चरणों में, जबकि असम में 27 मार्च से छह अप्रैल के बीच तीन चरणों में मतदान होगा। वहीं, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में एक ही चरण में छह अप्रैल को वोटिंग होगी। बता दें कि चुनावी कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही सभी चुनावी राज्यों और पुडुचेरी में आचार संहिता लागू हो गई।

West Bengal: पहले चरण में पांच जिलों की 30 सीटों पर 27 मार्च, दूसरे चरण में चार जिलों की 30 सीटों पर 1 अप्रैल, तीसरे चरण में 31 सीटों पर छह अप्रैल, चौथे चरण में पांच जिलों की 44 सीटों पर 10 अप्रैल, पांचवें चरण में छह जिलों की 45 सीटों पर 17 अप्रैल, छठे चरण में चार जिलों की 43 सीटों पर 22 अप्रैल, सातवें चरण में पांच जिलों की 36 सीटों पर 26 अप्रैल और आठवें चरण में चार जिलों की 35 सीटों पर 29 अप्रैल को वोट डलेंगे। पिछले विस चुनाव में सूबे में सात चरण में मतदान हुआ था, जबकि इस बार बंगाल विस का कार्यकाल 30 मई को पूरा होगा। बीते चुनाव में TMC को 211 सीटों पर जीत मिली थी, जबकि BJP को सिर्फ तीन सीटें मिली थीं। वहीं, कांग्रेस को 44 सीटें और माकपा को 26 सीटें हासिल हुई थीं।

Assam: पहले फेज में सूबे की 47 सीटों पर 27 मार्च को, दूसरे चरण में 39 सीटों पर एक अप्रैल और तीसरे व अंतिम चरण में 40 सीटों पर छह अप्रैल को मतदान होगा। राज्य में कुल 126 विस सीटें हैं, जबकि विस का कार्यकाल 31 मई को पूरा होगा। असम में भाजपा को सत्ता बचाने की चुनौती है, जहां सामना कांग्रेस और एआईयूडीएफ के गठबंधन से है। भाजपा ने पिछले चुनाव में 10 सालों के कांग्रेस शासन का अंत करते हुए पहली बार पूर्वोत्तर के किसी राज्य में सत्ता हासिल की थी। बीते विस चुनाव में भाजपा को 60, सहयोगियों असम गण परिषद और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट को क्रमश 14 और 12 सीटों पर जीत मिली थी। वहीं, कांग्रेस को 26 सीटों पर जीत हासिल हुई थी, जबकि सांसद बदरूदृदीन अजमल के नेतृत्व वाले एआईयूडीएफ को 13 सीटें मिली थीं।

Tamil Nadu: वहां कुल 234 सीटें हैं और विस का कार्यकाल 24 मई को पूरा होगा। पिछले 10 सालों से ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (अन्नाद्रमुक) का शासन है। राज्य की जनता ने वर्ष 2016 के विधानसभा चुनाव में अन्नाद्रमुक प्रमुख जे जयललिता को दोबारा गद्दी सौंपी थी। इस चुनाव में अन्नाद्रमुक को 135 सीटों पर विजय हासिल हुई थी, जबकि द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) 88 सीटों पर सिमट गई थी। कांग्रेस को आठ सीटें मिली थी। वहीं, भाजपा का खाता भी नहीं खुल सका था। इस बार के विधानसभा चुनाव में अन्नाद्रमुक और भाजपा का गठबंधन हुआ है और उसका मुकाबला द्रमुक और कांग्रेस गठबंधन से होगा।

Kerala: इस दक्षिण भारतीय सूबे में कुल 140 विस सीटें हैं, जबकि वहां विधानसभा का कार्यकाल एक जून को पूरा होगा। केरल में फिलहाल वाम लोकतांत्रिक मोर्चा की सरकार है। उसका मुकाबला कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चे से है। भाजपा भी वहां खुद को स्थापित करने के लिए लंबे समय से जोर आजमाइश कर रही है। पिछले विधानसभा चुनाव में माकपा को 58 सीटों पर जबकि उसकी सहयोगी भाकपा को 19 सीटों पर जीत हासिल हुई थी। कांग्रेस को 22 सीटें और आईयूएमएल को 18 सीटों पर विजय हासिल हुई थी। भाजपा को सिर्फ एक सीट से संतोष करना पड़ा था।

Puducherry/Pondicherry: पुडुचेरी केंद्र शासित प्रदेश है, जहां 30 सीटों के लिए चुनाव होगा। वहां विस का कार्यकाल आठ जून को पूरा हो जाएगा। साल 2016 के चुनाव के बाद पुडुचेरी में वी नारायणसामी के नेतृत्व में कांग्रेस और द्रमुक गठबंधन की सरकार बनी थी। नारायणसामी मुख्यमंत्री बने थे। हाल ही में विधायकों के इस्तीफे के बाद यह सरकार अल्पमत में आ गई थी और इसके बाद मुख्यमंत्री को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था।

(सभी चार्टः eci.gov.in)

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