BCCI ने दोगुनी की घरेलू क्रिकेटर्स की मैच फीस, कोरोना प्रभावित खिलाड़ियों के लिए भी किया मुआवजे का ऐलान

बीसीसीआई सचिव जय शाह ने यह भी बताया है कि देश में कोविड-19 की स्थिति के आधार पर अंडर-16 टूर्नामेंट की मेजबानी का फैसला अंडर-19 टूर्नामेंट के समापन के बाद लिया जाएगा।

BCCI compensation package for these players was awaited for a long time खिलाड़ियों को बीसीसीआई के मुआवजे पैकेज का लंबे समय से इंतजार था। (फाइल फोटो)

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने सोमवार को कोविड के कारण कम अवधि का कर दिये गए 2020-21 सत्र से प्रभावित घरेलू क्रिकेटर्स के लिए मुआवजे के तौर पर 50 प्रतिशत अतिरिक्त मैच फीस की घोषणा की। इसके साथ ही आगामी सत्र के लिए शुल्क में बढ़ोतरी भी की। कोविड-19 महामारी के कारण पिछले साल पहली बार रणजी ट्रॉफी का आयोजन नहीं हो पाया था। इस कारण कई भारतीय क्रिकेटर्स को वित्तीय परेशानियों से जूझना पड़ा। इन खिलाड़ियों को लंबे समय से बीसीसीआई से मुआवजे की प्रतीक्षा थी।

बीसीसीआई सचिव जय शाह ने ट्वीट करके कहा, ‘जिन क्रिकेटर्स ने 2019-20 के घरेलू क्रिकेट सत्र में हिस्सा लिया था, उन्हें 2020-21 सत्र के लिए मुआवजे के तौर पर 50 प्रतिशत अतिरिक्त मैच फीस दी जाएगी।’ बाद में बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने भी ट्वीट किया, ‘बहुत खुश हूं कि शीर्ष परिषद ने आज पुरुष और महिला खिलाड़ियों की मैच फीस बढ़ाने को मंजूरी दी। घरेलू क्रिकेटर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की सफलता में हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।’

जय शाह के ट्वीट का मतलब है कि जिन खिलाड़ियों ने पिछले सत्र में हिस्सा लिया था और मुश्ताक अली टी20 और विजय हजारे ट्रॉफी में खेले थे, उन्हें प्रति रणजी मैच की दर से 70,000 रुपए (1.40 लाख रुपए की आधी मैच फीस) का मुआवजा मिलेगा। मुआवजे देने और मैच फीस में बढ़ोतरी करने का फैसला 20 सितंबर को बीसीसीआई की शीर्ष परिषद की बैठक में किया गया।

जिन रणजी खिलाड़ियों ने 40 से अधिक मैच खेले हैं, उनकी मैच फीस लगभग दोगुनी 60 हजार रुपए प्रतिदिन हो गई है। इसका मतलब है कि खिलाड़ी एक मैच से दो लाख 40 हजार रुपए तक कमा सकते हैं। जिन खिलाड़ियों ने 21 से 40 मैच खेले हैं, उन्हें प्रतिदिन 50 हजार रुपए, जबकि इससे कम अनुभव रखने वाले क्रिकेटर्स को प्रतिदिन 40 हजार रुपए मिलेंगे।

बीसीसीआई के इस कदम से अंडर-16 से लेकर सीनियर स्तर तक लगभग 2000 क्रिकेटर्स को लाभ मिलेगा। अब सीनियर स्तर का घरेलू क्रिकेटर अगर पूरे सत्र में प्रथम श्रेणी, एकदिवसीय और टी20 मैचों में खेलता है तो वह इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का अनुबंध नहीं होने पर भी हर सत्र में 20 लाख रुपए कमा सकता है। शाह ने यह भी कहा कि घरेलू खिलाड़ियों को बढ़ी हुई मैच फीस का भुगतान किया जाएगा।

इस साल अक्टूबर के तीसरे सप्ताह से खेली जाएगी सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी, जानिए कब होगी रणजी ट्रॉफी की वापसी

घोषणा के अनुसार, अंडर-23 और अंडर-19 क्रिकेटर्स को क्रमश: 25,000 और 20,000 रुपए प्रतिदिन मिलेंगे। अंडर-16 में खिलाड़ियों को अब प्रतिदिन 3500 रुपए के बजाय 7000 रुपए मिलेंगे। इससे पहले रणजी ट्रॉफी में अंतिम एकादश में जगह बनाने वाले खिलाड़ी को 35,000 रुपए प्रतिदिन मिलते थे। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के लिए बीसीसीआई प्रति मैच 17,500 रुपए भुगतान करता था।

बीसीसीआई ने इसके साथ ही महिला घरेलू क्रिकेटर्स के लिए भी नए पारिश्रमिक की घोषणा की। उनके वेतन में भी बढ़ोतरी हुई है। उनका वेतन 12,500 रुपए से बढ़कर 20,000 रुपए प्रति खिलाड़ी हो गया है, जबकि रिजर्व खिलाड़ियों को 6,250 रुपए के बजाय 10,000 रुपए मिलेंगे। अंडर-23, अंडर-19 और अंडर-16 टूर्नामेंट में प्लेइंग इलेवन में जगह बनाने वाली खिलाड़ियों को 10,000 रुपए, जबकि रिजर्व खिलाड़ी को 5000 रुपए मिलेंगे।

मैच फीस की वृद्धि एक कार्यसमिति की सिफारिश पर की गई, जिसमें पूर्व भारतीय कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन, युद्धवीर सिंह, संतोष मेनन, जयदेव शाह, अविषेक डालमिया, रोहन जेटली और देवजीत सैकिया शामिल थे। इस बीच, बीसीसीआई सचिव जय शाह ने यह भी बताया है कि देश में कोविड-19 की स्थिति के आधार पर अंडर-16 टूर्नामेंट की मेजबानी का फैसला अंडर-19 टूर्नामेंट के समापन के बाद लिया जाएगा।