Bengal: CAA के जरिए घुसपैठियों को बाहर करने की बात करने वाले अमित शाह ने बांग्लादेशी प्रवासी के घर खाया खाना, कहा- चुनाव जीते तो महिलाओं को 33% आरक्षण

Bengal: गृह मंत्री अमित शाह दो दिवसीय दौरे के लिए आज बंगाल पहुंचे थे। अपने चुनावी कार्यक्रम के तहत शाह साउथ 24 परगना के नारायनपुर गांव में गए। उन्होंने वहां बांग्लादेशी प्रवासी के घर खाना खाया।

Amit Shah

Bengal: बंगाल चुनाव में बीजेपी कोई मौका हाथ से जाने नहीं देना चाहती। यही वजह रही कि गृह मंत्री अमित शाह दो दिन के बंगाल दौरे पर गए तो उन्होंने बांग्लादेशी प्रवासी के घर खाना खाकर सीएए को मुद्दा बनाने की कोशिश की। महिला वोटरों को साधते हुए शाह ने ऐलान किया है कि बीजेपी बंगाल की सत्ता में आई तो महिलाओं को 33% आरक्षण देगी।

गृह मंत्री अमित शाह दो दिवसीय दौरे के लिए आज बंगाल पहुंचे थे। अपने चुनावी कार्यक्रम के तहत शाह साउथ 24 परगना के नारायनपुर गांव में गए। उन्होंने वहां बांग्लादेशी प्रवासी के घर खाना खाया। शाह की इस कवायद को उन लोगों को भरमाने की कोशिश माना जा रहा है जिन्हें भाजपा ने नागरिकता देने का वादा किया है। इससे पहले शाह ने बीजेपी की 5वीं परिवर्तन यात्रा को हरी झंडी दिखाई। इसे साउथ 24 परगना के काकद्वीप से शुरू कराया गया।

शाह ने कहा कि बीजेपी का लक्ष्य सोनार बांग्ला बनाना है। टीएमसी के गुंडाराज को खत्म करके भाजपा यहां के लोगों का विकास करना चाहती है। उनका कहना था कि टीएमसी ने बंगाल को अपनी निजी संपत्ति मान लिया है। यहां उन्होंने ऐलान किया कि बीजेपी बंगाल की सत्ता में आई तो महिलाओं को 33% आरक्षण देगी। शाह के साथ बीजेपी के दिग्गज नेता कैलाश विजय वर्गीय, मुकुल रॉय और दिलीप घोष मौजूद रहे।

गौरतलब है कि गृह मंत्री शुक्रवार को कोलकाता के राष्ट्रीय पुस्तकालय में राज्य के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे और शहर में एक मीडिया सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। पश्चिम बंगाल में अप्रैल-मई में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा और तृणमूल कांग्रेस ने जबरदस्त प्रचार मुहिम शुरू कर दी है। तृणमूल की प्रचार मुहिम का नेतृत्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कर रही हैं, जबकि भाजपा के शीर्ष नेता मुहिम में हिस्सा ले रहे हैं।

दशकों से राजनीतिक रूप से ध्रुवीकृत बंगाल में सीमित उपस्थिति होने के बाद भाजपा 2019 के आम चुनाव में राज्य की 42 लोकसभा सीटों में से 18 पर जीत हासिल कर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की मुख्य प्रतिद्वंद्वी बनकर उभरी है, जो टीएमसी की संख्या 22 से महज चार कम है। बीजेपी को लग रहा है कि बंगाल में जीत ज्यादा दूर नहीं है। इसी वजह से सीएए को मुद्दा बनाने की कोशिश की जा रही है। बंगाल में इस तरह के लोग बहुत ज्यादा हैं जो दूसरे देशों से आकर भारत में रह रहे हैं।