BJP ने राम का पेटेंट नहीं कराया है- बोले टीएमसी नेता, पैनलिस्ट ने कहा- जाकर करें महिषासुर की वंदना

टीएमसी नेता ने कहा-राम का जन्म बीजेपी बनने के बाद नहीं हुआ। राम करोड़ों सालों से हिंदुओं की आस्था के प्रतीक हैं। बीजेपी ने राजनीति की खातिर राम को रास्ते पर लाकर खड़ा कर दिया।

Mamta Banerjee

जय श्रीराम के नारे को लेकर हो रही टीवी डिबेट में टीएमसी के नेता ने आक्रामक होते हुए कहा कि BJP ने राम का पेटेंट नहीं कराया है। उनका कहना था कि राम करोड़ों लोगों की आस्था का प्रतीक हैं। इस पर बीजेपी की तरह से प्रोग्राम में बैठे पैनलिस्ट ने कहा कि जाकर महिषासुर की वंदना करिए।

टीएमसी नेता जितेंद्र तिवारी ने कहा कि राम को मंदिर और हिंदुओं के हृदय से बाहर निकालकर सड़क पर खड़ा कर दें, ये कहां तक ठीक है। अगर ऐसा होता है तो विरोध तो होगा ही। उनका कहना था कि बीजेपी ने राम का पेटेंट नहीं कराया। राम का जन्म बीजेपी बनने के बाद नहीं हुआ। राम करोड़ों सालों से हिंदुओं की आस्था के प्रतीक हैं। बीजेपी ने राजनीति की खातिर राम को रास्ते पर लाकर खड़ा कर दिया। हमारे पूर्वज उनको प्राचीन समय से मानते आ रहे हैं। उनका आरोप था कि राम को लेकर बीजेपी का राजनीतिक स्वार्थ है।

ऐंकर अमिश देवगन ने कहा कि पीएम के कार्यक्रम में जब राम का नारा लगा तो ममता दीदी ने कहा कि मैं नहीं बोलूंगी। यह कहां तक ठीक था। ऐंकर ने बीजेपी से पूछा कि आपने राम का नारा लगाकर संसद में अपनी संख्या को 2 से 330 सीटों तक पहुंचाया। अब आप फिर से राम का नारा लगा रहे हैं। आपने जब-जब जय श्रीराम का नारा लगाया है, आपका गेम तो बना है विपक्षियों का बिगड़ गया है। ऐंकर का सवाल था कि आप लोग राजनीतिक कार्यक्रम में राम नाम का नारा क्यों लगाते हैं।

बीजेपी के अवनिजेश अवस्थी ने कहा कि राम नाम की महिमा ममता बनर्जी को समझ में क्यों नहीं आ रही है। उनका कहना था कि उन्हें जयश्रीराम का नारा लगाने की धार्मिक आजादी है। उनका कहना था कि हर राजनीतिक दल को अधिकार है कि वह अपना नारा तय करे। इसमें आपको क्या दिक्कत है। अवस्थी ने दुर्गा पर कहा कि वहां से हर चीज को शक्ति मिलती है। आप जाकर महिषासुर की वंदना करिए।

जितेंद्र तिवारी का कहना था कि मां दुर्गा के बारे में वह दिलीप घोष को क्यों नहीं समझाते। वह क्यों दुर्गा मां का अपमान कर रहे हैं। बीजेपी को चाहिए कि पहले अपने प्रदेश अध्यक्ष को जाकर समझाए। टीएमसी नेता का कहना था कि हम लोगों की भगवान में आस्था है। इसे बताने के लिए हमें राजनीतिक रैली में नारा लगाने की जरूरत नहीं पड़ती।