BJP सांसद का दावा, पाकिस्तान-चीन और तालिबान मिलकर POK में बैठकर भारत के खिलाफ कर सकते हैं साजिश

सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा है कि चीन, तालिबान और पाकिस्तान मिलकर भारत के खिलाफ पीओके में बैठकर साजिश रच सकते हैं। स्वामी ने इस दौरान भारत सरकार की विदेश नीति पर भी निशाना साधा।

pakistan, china, taliban, bjp mp subramanian swamy चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और पाकिस्तान के प्रधान मंत्री इमरान खान (फाइल फोटो- रॉयटर्स)

भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने दावा किया है कि पाकिस्तान, चीन और तालिबान मिलकर भारत के खिलाफ साजिश कर सकते हैं। यह साजिश ये तीनों पाक अधिकृत कश्मीर में बैठकर कर रच सकते हैं। एक कार्यक्रम के दौरान स्वामी ने ये दावे किए हैं। इस दौरान स्वामी भारत सरकार की विदेश नीति पर भी निशाना साधते देखे गए।

अफगान संकट: भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा पर इसका प्रभाव नाम के कार्यक्रम में सुब्रमण्यम स्वामी ने रि. मेजर गौरव आर्य से बात करते हुए कहा कि जो ये परिस्थिति बनी है, उससे भारत को बड़ा खतरा है। तालिबान पाकिस्तान और चीन पीओके में बैठकर अपने कार्यक्रम शुरू कर सकते हैं।

स्वामी ने कहा- “तालिबान ने घोषणा भी कर दी है कि अपने जो जिहादी लोग हैं उसको हम सीमा पर भेज रहे हैं। तो इसीलिए हमारे लिए ये राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जबरदस्त खतरा है”। बीजेपी सांसद ने कहा कि सवाल ये भी है कि हम इनका सामना अकेल कर सकते हैं, या फिर किसी के सहयोग की आवश्यकता है। दो ही देश हैं, चाइना हमारे विरोध में है और दूसरी तरफ जो भी प्रस्ताव अमेरिका ने रखा उसका हमने विरोध किया। उन्होंने कहा था कि 20 हजार सैनिक भेज दो काबुल में और काबुल की रक्षा आप करिए। वो हमने सुना नहीं।

उन्होंने ऑनलाइन हो रहे इस बातचीत में आगे कहा कि इतने मौके गंवा करके आज भी हम अफगानिस्तान के मामले में कुछ कर सकते हैं, तो क्या कर सकते हैं? अगर कुछ नहीं करते हैं तो क्या देश की सुरक्षा बनी रहेगी? कई लोग कहते हैं कि हमें इस झंझट में नहीं पड़ना चाहिए, अगर झंझट ही हमारे पास आ जाए तो हम क्या करेंगे। इसलिए सीमा पर ही जाकर इसका मुकाबला करें। आवश्यकता पड़े तो तालिबान के विरोध में जो देश हैं उनके साथ मिलकर काम करें।

बता दें कि सुब्रमण्यम स्वामी अफगानिस्तान संकट को लेकर सरकार की नीतियों की जमकर आलोचना करते देखे जा रहे हैं। भाजपा सांसद जहां तालिबान के खिलाफ लड़ाई की बात कह रहे हैं, वहीं सरकार अभी इस मुद्दे पर बीच का रास्ता अपनाती दिख रही है। इससे पहले भी स्वामी, मोदी सरकार पर विदेश नीति को लेकर निशाना साधते रहे हैं।