CM खट्टर का व्यवहार जनरल डायर जैसा, किसान सबका हिसाब करेगा- किसानों पर लाठीचार्ज से भड़के राकेश टिकैत

पुलिस द्वारा किसानों पर लाठीचार्ज को लेकर राकेश टिकैत ने कड़ी टिप्पणी की है। उन्होंने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की तुलना जनरल डायर से करते हुए कहा है कि किसान सबका हिसाब करेंगे।

rakesh tikait, lathicharge on farmers in haryana, manohar lal khattar राकेश टिकैत ने किसानों पर लाठीचार्ज को लेकर खट्टर सरकार पर निशाना साधा है (Photo-Indian Express/AP)

भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता और किसान नेता राकेश टिकैत ने हरियाणा के करनाल में किसानों पर पुलिस की लाठीचार्ज पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की तुलना जनरल डायर से करते हुए कहा है कि किसान सबका हिसाब करेंगे।

राकेश टिकैत ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से रविवार को किए गए एक ट्वीट में एक घायल किसान की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, ‘हरियाणा के मुख्यमंत्री खट्टर का व्यवहार जनरल डायर जैसा है। जो अत्याचार हरियाणा पुलिस ने किसानों पर किया, वह बर्दाश्त नहीं हो सकता। किसान सबका हिसाब करेगा।’

पूर्व आईएएस अधिकारी सूर्य प्रताप ने भी किसानों पर लाठीचार्ज को लेकर खट्टर सरकार को निशाने पर लिया है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘हे आज के जनरल डायर, क्या आप चिडी के बादशाह के हुक्म का गुलाम हो या फिर जहां हुआ इशारा, भांज दी लाठी और फोड़ दिया सिर।’

क्या है पूरा मामला- हरियाणा में निकाय और पंचायत चुनावों के मद्देनजर करनाल में शनिवार को एक बैठक का आयोजन किया गया जिसमें सीएम समेत पार्टी के सांसद और विधायक शामिल हुए। किसान इस आयोजन के विरोध में एकत्रित हुए जिसे देखते हुए सभी रास्ते बंद कर दिए गए। इससे नाराज़ किसानों ने एनएच 44 के बसतांडा टोल प्लाजा पर जाम किया। यही से पुलिस और किसानों में तनातनी शुरू हुई जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया।

इस लाठीचार्ज में कई किसानों के सिर फूट गए।  भारतीय किसान यूनियन ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने किसानों पर बर्बरतापूर्ण ढंग से लाठिया बरसाई। राकेश टिकैत ने यह भी कहा है कि ये लाठीचार्ज 5 सितंबर को मुजफ्फरनगर में होने वाली महापंचायत से ध्यान भटकाने के लिए सरकार का एक षड्यंत्र है।

वहीं, किसानों के घायल होने की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैं। लोग खट्टर सरकार की आलोचना करते हुए करनाल के डीएम को सस्पेंड करने की मांग कर रहे हैं।