CM योगी का दावा- यूपी चुनाव में जीतेंगे 350 सीटें, अखिलेश बोले- 45 भी न पा पाएंगे

अखिलेश ने योगी सरकार को नाम बदलने वाली सरकार करार दिया। साथ ही उन्होंने साफ कर दिया कि वह इस बार किसी बड़ी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करेंगे। बकौल अखिलेश, “यूपी में अब तक जितने काम भाजपा सरकार ने पिछले चार सालों में किए हैं, वे दूसरी सरकारों के लाए हुए हैं।”

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दावा किया है कि सूबे के आगामी विधानसभा चुनाव में BJP 350 सीटें हासिल करेगी। हालांकि, इसके पलटवार में SP चीफ और पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा है कि योगी की पार्टी को 45 सीटें भी हासिल न हो सकेंगी।

योगी ने ये बातें सोमवार को हिंदी समाचार चैनल ‘ABP Ganga’ (यूपी का प्रादेशिक चैनल) को दिए इंटरव्यू में कहीं। उन्होंने बताया- व्यक्ति हो या समाज…अगर उसे जीवंतता का अहसास कराना है तो उसे चर्चा में रहना चाहिए। यही चर्चा का विषय यूपी बना रहा है। हालांकि, पहले भी था पर तब नकारात्मक कारणों से। पर चार सालों से ये चर्चाएं सकारात्मक दिशा में गई हैं। उन्होंने आगे दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी के नए भारत का यह नया उत्तर प्रदेश है।

उनके मुताबिक, “बंगाल और असम के बीजेपी पूर्ण बहुमत से सरकार बनाएगी। इसमें कोई दोराय नहीं होनी चाहिए। बीजेपी का हर कार्यकर्ता कर्मयोगी है और उसने काम किया है। हम नेता नहीं है…कार्यकर्ता के रूप में जगह-जगह जाते हैं। बंगाल में कभी महाराष्ट्र के बराबर इकनॉमी थी, पर आज क्या दुगर्ति हो गई…।”

पश्चिमी यूपी में महापंचायतें हो रही हैं, किसान कह रहे हैं कि वे आंदोलन पर हैं? सीएम ने कहा- ये तो हर कोई देख रहा है…कहां कितना समर्थन है। किसान के प्रति हमारी संवेदना है। पर मेरी अपील है कि मोदी जी ने जितना बेहतर नेतृत्व है, वह उन लोगों के लिए अकल्पनीय है, जिन्होंने वैसा कभी किया नहीं। इस हकीकत को हर आदमी अनुभव कर रहा है। काम किया है, तो उसके परिणाम भी सामने आएंगे। हम यही तो पूछ रहे हैं कि इसमें है क्या? कृषि कानून तो किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए लाए गए हैं…।

करीब 186 सुधार आपने किए और 172 करोड़ प्रतिदिन सूबे में निवेश हुए…सिस्टम की जटिलता से कैसे बाहर आए? योगी ने कहा- तकनीक…हमें अगर पारदर्शी व्यवस्था देनी है तो हम उसे टेक्नोलॉजी से जोड़ेंगे। सीएम की ओर से ये सब तब कहा गया, जब सूबे में उनके नेतृत्व वाली सरकार को चार साल पूरे होने जा रहे हैं। साथ ही बजट भी आया है।

उधर, चैनल के इसी महाअधिवेशन में अखिलेश ने योगी सरकार को नाम बदलने वाली सरकार करार दिया। साथ ही उन्होंने साफ कर दिया कि वह इस बार किसी बड़ी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करेंगे। बकौल अखिलेश, “यूपी में अब तक जितने काम भाजपा सरकार ने पिछले चार सालों में किए हैं, वे दूसरी सरकारों के लाए हुए हैं। ये दूसरों सरकारों के प्रोजेक्ट आगे बढ़ा रहे हैं। बजट में कोई नया रचनात्मकता और काम नहीं नजर आए। एक्सप्रेस-वे किसके हैं?”

पूर्व सीएम ने कहा- इस सरकार ने बिजली बढ़ाने के मामले में बड़ा फैसला लिया है। मुझे दुख है कि सीएम एक बार भी थर्मल प्लांट का नाम नहीं लेते हैं। क्या उन्होंने उसकी समीक्षा की? इसी तरह से सिंचाई विभाग में…। यूपी में जहां सबसे अधिक पानी की जरूरत थी, वहां पानी का बंदोबस्त क्यों न हो पाया। पुरानी योजनाओं में क्यों देरी हुई? इन्हें सिंचाई मंत्री क्यों बदलना पड़ा? इन्होंने काम को रोका है।

अखिलेश ने कहा- कोरोना काल में यूपी सरकार की सबसे अधिक पोल खुल गई है। जो भी बीमार होकर उस वक्त अस्पताल गया होगा, उसे पता लगा होगा कि यूपी सरकार ने क्या इंतजाम किया है। इतना खराब बंदोबस्त कभी नहीं हुआ था। लोगों की नौकरी चली गई। वेतन कटे, फिर भी सरकार ने दावा किया कि उसने ‘पर कैपिटा इनकम’ बढ़ा दी।