Corona Infection: तीसरे दिन फिर चार लाख से ज्यादा मामले

महाराष्ट्र में सबसे अधिक संक्रमण और मौत के मामले दर्ज किए गए। महाराष्ट्र स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक राज्य में कोरोना के 54,022 नए मामले दर्ज किए गए जबकि 898 लोगों की मौत संक्रमण के चलते हुई।

Author भाषा Edited By Sanjay Dubey नई दिल्ली | May 8, 2021 3:56 AM
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देश में कोरोना विषाणु संक्रमण के शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन चार लाख से ज्यादा मामले सामने आए। शुक्रवार रात ग्यारह बजे तक 32 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में कोरोना के 4,00,945 नए मामले दर्ज किए गए जबकि इस दौरान 4,172 लोगों की मौत हुई। देश में पहली बार एक दिन में चार हजार से अधिक लोग मरे हैं। यह आंकड़े राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के स्वास्थ्य विभागों की ओर से जारी किए गए। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक गुरुवार को देश में संक्रमण के 4,14,188 मामले दर्ज किए गए थे और 3,915 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी।

महाराष्ट्र में सबसे अधिक संक्रमण और मौत के मामले दर्ज किए गए। महाराष्ट्र स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक राज्य में कोरोना के 54,022 नए मामले दर्ज किए गए जबकि 898 लोगों की मौत संक्रमण के चलते हुई। विभाग के मुताबिक राज्य में अब तक 49,96,758 लोग संक्रमित हो चुके हैं। 74,413 लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य में 6,54,326 मरीजों का इलाज जारी है। देश में महाराष्ट्र के बाद कर्नाटक में 48,781, केरल में 38,460, उत्तर प्रदेश में 28,076, तमिलनाडु में 26,465, दिल्ली में 19,832, पश्चिम बंगाल में 19,216, राजस्थान में 18,231, आंध्र प्रदेश में 17,188, हरियाणा में 13,867, छत्तीसगढ़ में 13,628, बिहार में 13,466, ओड़ीशा में 12,238, गुजरात में 12,064, मध्य प्रदेश में 11,708, उत्तराखंड में 9,642, पंजाब में 8,367, झारखंड में 5,973, असम में 5,626, तेलंगाना में 5,559, जम्मू कश्मीर में 5,443, गोवा में 4,195 नए मामले दर्ज किए गए।

लक्षण आते ही घर में पृथक हों, इलाज शुरू करें : सरकार
केंद्र सरकार ने शुक्रवार को कहा कि यदि किसी व्यक्ति को कोरोना विषाणु संक्रमण के लक्षण हैं तो उसे जांच का इंतजार किए बिना खुद को घर में पृथक कर इलाज शुरू कर देना चाहिए। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के नेतृत्व में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद ने संक्रमितों के लिए एकांतवास और देखभाल के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं।

मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) वीके पॉल ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को बुखार, गले में दर्द, खांसी या कफ, सिर में दर्द, बदन में दर्द, सांस लेने में परेशानी और सूंघने या स्वाद की शक्ति कम होना जैसे एक या एक से अधिक लक्षण दिखाई देते हैं तो उसे कोरोना संक्रमण हो सकता है। उन्होंने कहा कि जब तक जांच से पता नहीं चलता है कि व्यक्ति संक्रमित नहीं है, उसे कोरोना संक्रमित मानकर चलना ही बेहतर है। सबसे पहले तो इस व्यक्ति को अपने घर वालों से अलग हो जाना चाहिए। इसके बाद व्यक्ति को कोरोना की जांच करानी चाहिए। अगर जांच नहीं हो रही है या फिर जांच की रिपोर्ट आने में समय लग रहा है तो कोरोना का इलाज शुरू कर दीजिए।

पॉल ने कहा कि अगर व्यक्ति का ऑक्सीजन संतृप्ति स्तर 93 फीसद या उससे कम है तो डॉक्टर से बात करें और यदि डॉक्टर कहे तो मरीज को अस्पताल में भर्ती करना चाहिए। यह एक चेतावनी की तरह है। इसके बाद डॉक्टर की सलाह पर खून की जांच कराई जानी चाहिए। पॉल ने कहा कि बीमार व्यक्ति को घर में ही रहना है और यदि घर में जगह नहीं है तो सरकारी कोरोना देखभाल केंद्र में जा सकते हैं। परिवार के सभी लोगों को मास्क पहनना चाहिए ताकि अन्य लोग संक्रमित न हों। बीमार व्यक्ति को सर्जिकल या हो सके तो एन95 मास्क पहनाया जाए। जिस कमरे में बीमार व्यक्ति रहे, वह हवादार होना चाहिए।
पॉल ने बताया कि बीमार व्यक्ति का हर चार घंटे में तापमान और ऑक्सीजन संतृप्ति स्तर देखा जाना चाहिए। बुखार है तो मरीज को दिन में चार बार पेरासिटामॉल दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अगर ऑक्सीजन संतृप्ति स्तर 93 या इससे नीचे जाता है या सांस लेने में कठिनाई होती है या चक्कर आते हैं तो डॉक्टर को बताएं।

नीति आयोग के सदस्य ने बताया कि घर पर इलाज के दौरान रेमडेसिविर टीका नहीं लेना है। इसके अलावा बुडेसोनाईड के लिए नेब्यूलाइजर का उपयोग नहीं करना है। चिकित्सक की सलाह के बिना ऑक्सीजन सिलेंडर का इस्तेमाल भी नहीं करना है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक वर्तमान में 12 राज्यों में कोरोना विषाणु संक्रमण के उपचाराधीन मरीजों की संख्या एक लाख से अधिक है जबकि सात राज्यों में यह संख्या 50 हजार से एक लाख के बीच है।

मंत्रालय ने बताया कि देश के 24 राज्यों में फिलहाल 15 फीसद से अधिक संक्रमण दर है और नौ राज्यों में यह दर पांच से 15 फीसद के बीच है। इसने बताया कि महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और छत्तीसगढ़ उन राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में शामिल हैं जहां कोरोना के रोजाना मामलों में लगातार कमी आ रही है। मंत्रालय ने बताया कि बहरहाल, कर्नाटक, केरल, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और ओड़ीशा उन राज्यों में शामिल हैं जहां संक्रमण की दर बढ़ रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों से कहा कि जो लाभार्थी कोरोना टीके की दूसरी खुराक का इंतजार कर रहे हैं उन्हें प्राथमिकता दी जानी चाहिए और अनुशंसित टीकाकरण कार्यक्रम को समय पर पूरा किया जाए।