Covid-19: महेंद्र सिंह धोनी के करीबी दोस्त आरपी सिंह के पिता का निधन, कोरोनावायरस ने ली जान

आरपी 2007 में पहली बार टी20 चैंपियन बनने वाली टीम इंडिया के सदस्य थे। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में खतरनाक गेंदबाजी की थी। उन्होंने 7 मैच में 12 विकेट लिए थे। वे सबसे ज्यादा विकेट लेने वालों में तीसरे स्थान पर थे।

Covid19, Mahendra Singh Dhoni, RP Singh

पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के करीबी दोस्त और पूर्व तेज गेंदबाज रूद्रप्रताप सिंह (आरपी सिंह) के पिता का निधन बुधवार (15 मई) को हो गया। आरपी के पिता कोरोना संक्रमण से जूझ रहे थे। उत्तर प्रदेश के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज ने अपने पिता शिव प्रसाद सिंह के निधन की सूचना ट्विटर पर दी। आरपी ने सितंबर 2018 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने से पहले भारत के लिए 14 टेस्ट, 58 वनडे और 10 टी20 मैच खेले थे।

आरपी सिंह ने ट्वीट किया ,‘‘अपार दुख के साथ यह सूचित कर रहा हूं कि मेरे पिता शिव प्रसाद सिंह का निधन हो गया है। वह कोरोना संक्रमित थे और 12 मई को उन्होंने आखिरी सांस ली। हम आपसे उनके लिए प्रार्थना करने का अनुरोध करते हैं। आरआईपी पापा ।’’ आरपी के इस ट्वीट पर कई पूर्व खिलाड़ियों ने उनके पिता को श्रद्धांजलि दी। पूर्व स्पिनर प्रज्ञान ओझा ने लिखा- आपको और परिवार को हमारी गहरी संवेदना! मजबूत रहो भाई। दक्षिण अफ्रीका के हर्षल गिब्स ने लिखा- आपके पिता के बारे में जानकर दुख हुआ आरपी। मजबूत रहो दोस्त।

गिब्स और ओझा आईपीएल में डेक्कन चार्जर्स की टीम में आरपी के साथ थे। तब डेक्कन चार्जर्स की टीम 2009 में एडम गिलक्रिस्ट की कप्तानी में आईपीएल चैंपियन बनी थी। आरपी के पिता के निधन पर टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर और चेन्नई सुपरकिंग्स के दिग्गज बल्लेबाज सुरेश रैना ने भी दुख जताया। रैना ने ट्वीट कर लिखा- आरपी के पिता के निधन से दुखी हूं। आपके और आपके परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं भाई।’’

आरपी 2007 में पहली बार टी20 चैंपियन बनने वाली टीम इंडिया के सदस्य थे। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में खतरनाक गेंदबाजी की थी। उन्होंने 7 मैच में 12 विकेट लिए थे। वे सबसे ज्यादा विकेट लेने वालों में तीसरे स्थान पर थे। उनके बाद भारतीय गेंदबाजों में इरफान पठान ने 10 विकेट अपने नाम किए थे। आरपी को धोनी का बेहद करीबी दोस्त माना जाता है। माही की शादी में आरपी ने अहम योगदान निभाया था। वे शादी में शामिल होने वाले खास लोगों में थे।