EXCLUSIVE | कार्टूनिस्ट लार्स विल्क्स की मौत के पीछे क्या लश्कर आतंकी का है हाथ?

(मनोज गुप्ता)

नई दिल्ली. पैगंबर मोहम्मद (Prophet Mohammad) का विवादित कार्टून बनाने वाले स्वीडन के कलाकार लार्स विल्क्स (Lars Vilks) की एक सड़क हादसे में मौत हो गई. लेकिन, CNN-NEWS18 की रिपोर्ट के मुताबिक, लार्स विल्क्स की मौत एक्सिडेंट नहीं भी हो सकती है. CNN-NEWS18 के सूत्रों के मुताबिक, हो सकता है कि विल्क्स की हत्या लश्कर-ए-तैयबा (Lashkar-E-Taiba) के जिहादियों ने की हो और इसे हादसे का रूप दिया गया हो. साल 2008 में मुंबई में हुए 26/11 हमलों के पीछे लश्कर का ही हाथ था. सूत्रों के मुताबिक, लश्कर आतंकी साजिद मिर इन सबका मास्टरमाइंड है. मुंबई हमलों के बाद से मिर भारत और अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई के मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट में था.

रिपोर्ट के मुताबिक, 75 वर्षीय लार्स विल्क्स की रविवार को उस समय मौत हो गई, जब वह जिस पुलिस कार से यात्रा कर रहे थे, वह सड़क के गलत साइड में पलट गई और एक ट्रक से टकरा गई. हादसे के बाद दोनों वाहनों में आग लग गई. इसमें 45 साल का ट्रक ड्राइवर भी गंभीर रूप से घायल हो गया. फिलहाल अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है.

पैगंबर मोहम्मद का कार्टून बनाने वाले लार्स विल्क्स की मौत, सड़क हादसे में गई जान

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मुंबई हमलों के बाद से मिर भारत और अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई के मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट में था.

स्वीडिश समाचार आउटलेट एक्सप्रेसन के मुताबिक, कार्टूनिस्ट लार्स विल्क्स जान से मारने की धमकी मिलने के बाद से पुलिस की सुरक्षा में थे. उनकी सुरक्षा में तैनात दोनों पुलिसकर्मियों की भी इस भीषण हादसे में मौत हो गई है. हादसे की जांच विशेष पुलिस अधिकारियों के द्वारा की जा रही है. पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि लार्स विल्क्स जिस पुलिस की गाड़ी में जा रहे थे, वो हादसे का शिकार हुई थी या फिर जान-बूझकर हादसे को अंजाम दिया गया है.

मुस्लिम कम्युनिटी मोहम्मद पैंगबर के किसी भी तरह के विजुअल रिप्रेजेंटेशन को ईशनिंदा मानती है. हालांकि, लार्स विल्क्स का कहना था कि इस कार्टून से उनका मकसद मुस्लिम समुदाय की भावना को भड़काना नहीं था, बल्कि वह इसके जरिए कला की दुनिया में राजनीतिकरण को चुनौती दे रहे थे.

सूत्रों का ये भी कहना है कि लार्स विल्क्स की हत्या करने के लिए आतंकी साजिद मिर को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) की मदद मिली थी.

साल 2007 में फ्रांस की कोर्ट ने फ्रांसीसी नागरिक विली ब्रिगेट को साजिद मिर के साथ साल 2003 में ऑस्ट्रेलिया में आतंकी हमले की साजिश रचने का दोषी करार दिया था. मिर विदेशों में ऐसे लोगों की तलाश कर रहा था, जो वहां लश्कर के आतंक को फैलाए. फ्रांस से विली ब्रिगेट, यूनाइटेड स्टेट्स से डेविड हेडली और ऑस्ट्रेलिया से फहीम लोधी उसकी तलाश का नतीजा थे.

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ब्रिगेट ने पूछताछ में मिर से कनेक्शन की बात मानी थी. उसने ये भी बताया था कि मिर उससे अंकल बिल के तौर पर मिला था, जो फर्राटेदार अरबी, ऊर्दू और अंग्रेजी बोलता था. अमेरिका के विभाग ने मिर के बारे में जानकारी देने पर 5 मिलियन डॉलर के ईनाम का ऐलान भी किया था.

पाकिस्तान फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF)की ग्रे लिस्ट से बाहर आना चाहता है, मगर इसके लिए दी गई शर्तें पूरी नहीं कर रहा. पाकिस्तान लगातार आतंकियों के लिए पनाहगार बना हुआ है. FATF पाकिस्तान से आतंकी साजिद मिर, मौलान मसूद अजहर, जाकिर रहमान लखवी के बारे में जानकारी मांग रही है, मगर पाकिस्तान हर बार गोल-मोल बातों और झूठे रिपोर्ट से एजेंसी को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है. पाकिस्तान ने मिर के मौत की झूठी खबर भी फैलाई है.

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